खाद्य सुरक्षा योजना: बौंली में अपात्रों पर कार्रवाई, कई परिवारों को नोटिस
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की टीम ने वार्ड 5 और 9 में डोर-टू-डोर सर्वे कर अपात्र परिवारों को चिह्नित किया और नोटिस जारी किए।

बौंली के वार्ड 5 और 9 में अपात्रों को हटाने के लिए खाद्य सुरक्षा टीम ने डोर-टू-डोर सर्वे किया।
बौंली, 14 अक्टूबर। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अपात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए बौंली कस्बे में प्रशासन की कार्रवाई जारी है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से वार्ड संख्या 5 एवं 9 में घर-घर सर्वे कर अपात्र परिवारों को चिह्नित किया जा रहा है। अभियान के दौरान अब तक 8 परिवारों के 42 सदस्यों ने स्वेच्छा से योजना का लाभ छोड़ दिया है, जबकि 25 परिवारों के 81 सदस्यों को विभाग की ओर से नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
बौंली, बामनवास। श्रद्धा ओम त्रिवेदी। खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने और अपात्र लाभार्थियों को योजना से बाहर करने के उद्देश्य से यह डोर-टू-डोर सर्वे चलाया जा रहा है। सर्वे के दौरान निष्कासन श्रेणी में आने वाले परिवारों को स्वेच्छा से योजना का लाभ छोड़ने यानी गिव अप के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वहीं, अन्य अपात्र पाए गए परिवारों को नियमानुसार नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
बौंली प्रवर्तन निरीक्षक कीर्तेश मीना ने बताया कि खाद्य सुरक्षा योजना के निर्धारित निष्कासन मानदंडों के अनुसार शहरी क्षेत्र में ₹1 लाख वार्षिक से अधिक आय वाले परिवार, चार पहिया वाहन रखने वाले परिवार, सरकारी कर्मचारी, ₹1 लाख से अधिक पेंशन प्राप्त करने वाले परिवार, नगर पालिका क्षेत्र में 1,500 वर्ग फीट से अधिक क्षेत्रफल में निर्मित पक्के आवास वाले परिवार तथा लघु कृषक की निर्धारित श्रेणी से अधिक कृषि भूमि रखने वाले परिवार निष्कासन की श्रेणी में आते हैं।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ प्राप्त कर रहे अपात्र परिवारों की पहचान के लिए डोर-टू-डोर सर्वे आगे भी निरंतर जारी रहेगा। सर्वे के दौरान अपात्र पाए जाने वाले परिवारों से स्वेच्छा से योजना का लाभ छोड़ने की अपील की जा रही है। यदि ऐसे परिवार निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार योजना का लाभ नहीं छोड़ते हैं, तो उन्हें वितरित खाद्यान्न की ₹29 प्रति किलोग्राम की दर से वसूली की कार्रवाई नियमानुसार की जा सकती है।
प्रवर्तन निरीक्षक कीर्तेश मीना ने आमजन से अपील की कि खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ केवल पात्र परिवार ही प्राप्त करें। अपात्रता की श्रेणी में आने वाले परिवार स्वेच्छा से योजना का लाभ छोड़कर पात्र जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी सहायता पहुंचाने में सहयोग करें। बौंली के वार्ड संख्या 5 एवं 9 में जारी सर्वे के तहत स्वैच्छिक गिव अप और नोटिस की कार्रवाई के जरिए अपात्र लाभार्थियों की पहचान की जा रही है।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
