जिले में शादी-विवाह, धार्मिक, सामाजिक तथा अन्य सार्वजनिक आयोजनों में अब केवल एफएसएसएआई लाइसेंस अथवा पंजीकरण प्राप्त हलवाई और कैटरर्स ही भोजन तैयार एवं परोस सकेंगे। राज्य सरकार ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। नियमों की अवहेलना करने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जैमिनी ने बताया कि आयोजन से पहले आयोजकों को खाद्य सुरक्षा विभाग को कार्यक्रम की तिथि, समय, स्थान, आयोजक एवं कैटरर्स का नाम, एफएसएसएआई लाइसेंस संख्या, संभावित अतिथियों की संख्या तथा भोजन तैयार एवं परोसने के स्थान की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। उन्होंने कहा कि विभाग जिले के सभी हलवाई, कैटरर्स एवं खाद्य व्यवसायियों का सत्यापन भी करेगा।

उन्होंने बताया कि मैरिज गार्डन, बैंक्वेट हॉल, होटल, धर्मशाला, सामुदायिक भवन एवं फार्म हाउस संचालकों की भी जिम्मेदारी तय की गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके परिसर में केवल लाइसेंसधारी खाद्य व्यवसायी ही भोजन तैयार करें।

डॉ. अनिल कुमार जैमिनी ने बताया कि बड़े आयोजनों में खाद्य सुरक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचकर भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, भंडारण तथा अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर खाद्य पदार्थों के नमूने भी लिए जाएंगे, ताकि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने आमजन से अपील की कि खाद्य पदार्थों में मिलावट अथवा खाद्य सुरक्षा संबंधी किसी भी शिकायत की सूचना खाद्य सुरक्षा विभाग के कंट्रोल रूम नंबर 07462-235011 पर दर्ज कराएं। नई एसओपी लागू होने के बाद सार्वजनिक आयोजनों में खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की निगरानी और सख्त की जाएगी तथा नियमों के उल्लंघन पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

Pratahkal Bureau

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