निर्माण उपकर नहीं चुकाया तो 24 प्रतिशत ब्याज और 100 प्रतिशत पेनल्टी तय, सवाई माधोपुर में 165 से अधिक भवन मालिकों को नोटिस
सवाई माधोपुर में निर्माण उपकर को लेकर श्रम विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। 165 से अधिक भवन मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। उपकर जमा नहीं करने पर 24 प्रतिशत वार्षिक ब्याज और 100 प्रतिशत पेनल्टी वसूली जाएगी। नियमों के उल्लंघन पर एक पक्षीय कार्यवाही भी होगी।

सवाई माधोपुर। प्रदेश में भवन निर्माण से जुड़े नियमों के उल्लंघन पर अब सख्ती साफ नजर आने लगी है। भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार (श्रमिक) कल्याण उपकर अधिनियम, 1996 के तहत देय निर्माण उपकर समय पर जमा नहीं कराने वालों के खिलाफ श्रम विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। सवाई माधोपुर जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 165 से अधिक आवासीय और व्यावसायिक भवन मालिकों एवं नियोजकों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं, वहीं कुछ मामलों में एक पक्षीय कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है।
सहायक श्रम आयुक्त संदीप कुमार ने बताया कि राज्य में 27 जुलाई 2009 के बाद निर्मित सभी सरकारी, वाणिज्यिक और निजी भवनों पर निर्माण लागत का एक प्रतिशत उपकर अनिवार्य रूप से देय है। हालांकि 10 लाख रुपये से कम लागत वाले आवासीय भवनों को इस उपकर से छूट दी गई है, लेकिन इससे अधिक लागत वाले आवासीय भवनों और सभी व्यावसायिक निर्माण कार्यों पर उपकर जमा कराना अनिवार्य है। किसी भी वर्ग या निर्माण कार्य को वर्तमान में उपकर से कोई छूट नहीं दी गई है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भवन निर्माण कराने वाले मालिक या नियोजक को निर्माण कार्य प्रारंभ होने के 30 दिनों के भीतर श्रम विभाग को निर्धारित प्रपत्र में सूचना देना आवश्यक है। निर्माण पूर्ण होने या उपकर निर्धारण की स्थिति में 30 दिनों के भीतर उपकर राशि उपकर संग्रहक के पास जमा करानी होगी। यदि निर्माण कार्य की अवधि एक वर्ष से अधिक है, तो प्रत्येक वर्ष पूर्ण होने पर 30 दिनों के भीतर उपकर जमा कराना अनिवार्य होगा। नियोजक चाहें तो अनुमानित लागत के आधार पर अग्रिम उपकर भी जमा करा सकते हैं।
श्रम विभाग के अनुसार, उपकर के अंतर्गत एकत्र की गई राशि का उपयोग निर्माण श्रमिकों के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में किया जाता है। बावजूद इसके, उपकर जमा नहीं कराने के मामलों में लगातार लापरवाही सामने आ रही है। सवाई माधोपुर में दो नियोजकों के विरुद्ध एक पक्षीय उपकर निर्धारण आदेश जारी किए जा चुके हैं, जबकि अन्य को दस्तावेज और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर दिया जा रहा है।
सहायक श्रम आयुक्त ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा में उपकर जमा नहीं कराया गया, तो विभाग स्वयं निर्माण लागत का आकलन कर एक पक्षीय उपकर निर्धारण आदेश जारी करेगा। देय उपकर राशि पर 24 प्रतिशत वार्षिक ब्याज लगाया जाएगा और आदेश की अवधि में भुगतान नहीं करने पर 100 प्रतिशत पेनल्टी भी वसूली जाएगी। उपकर, ब्याज और पेनल्टी सहित कठोर वसूली कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
श्रम आयुक्त के निर्देशानुसार जिले में अधिक से अधिक भवन नियोजकों को नोटिस जारी कर वसूली सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि नगर परिषद या नगरपालिका में नक्शा स्वीकृति के समय यदि उपकर की अनुमानित राशि जमा कराई गई हो, तब भी अंतिम उपकर निर्धारण राशि सहायक श्रम आयुक्त कार्यालय, सवाई माधोपुर में जमा कराना अनिवार्य होगा। श्रम विभाग की इस सख्ती से भवन मालिकों और नियोजकों में हलचल मच गई है और नियमों के पालन का दबाव तेजी से बढ़ता नजर आ रहा है।
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