राष्ट्रीय निर्वाचन आयोग सम्मेलन में डीपफेक पर सख्त संदेश, ECINET ऐप की ताकत पर रहा विशेष जोर
नई दिल्ली में निर्वाचन आयोग के राष्ट्रीय सम्मेलन में डीपफेक, साइबर सुरक्षा और ECINET ऐप पर अहम चर्चा हुई। जानिए अधिकारियों को दिए गए प्रमुख संदेश।

तस्वीर में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान मंच पर उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी, मीडिया नोडल अधिकारी और अन्य प्रतिभागी एक समूह चित्र के लिए एक साथ खड़े हैं।
नई दिल्ली स्थित भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित मीडिया एवं संचार अधिकारियों के तृतीय एक-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में मीडिया प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, डीपफेक, गलत सूचनाओं से निपटने की रणनीतियों तथा ECINET एप्लिकेशन की उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा हुई। सम्मेलन में देश के 10 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 200 मीडिया नोडल अधिकारी (एमएनओ), सोशल मीडिया नोडल अधिकारी (एसएमएनओ), जिला मीडिया नोडल अधिकारी तथा राज्य जनसंपर्क विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, सवाई माधोपुर के सहायक निदेशक वीर सेन ने भी सवाई माधोपुर के प्रतिनिधि के रूप में सम्मेलन में सहभागिता की।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग का प्रत्येक कार्य भारत के संविधान, निर्वाचन विधियों तथा समय-समय पर जारी लिखित निर्देशों के अनुरूप पूर्ण पारदर्शिता के साथ संपादित किया जाता है। उन्होंने अधिकारियों को सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक सूचनाओं और गलत आख्यानों के प्रति सतर्क रहने की हिदायत देते हुए कहा कि मीडिया अधिकारियों को ऐसी सूचनाओं के प्रसार को रोकने के लिए सक्रिय और समयबद्ध तरीके से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि हाल की विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान प्रतिशत इस बात का प्रमाण है कि भारत के मतदाताओं का निर्वाचन प्रणाली पर अटूट विश्वास कायम है।
ज्ञानेश कुमार ने जिला जनसंपर्क अधिकारियों (डीपीआरओ) को निर्वाचन आयोग का नया परिवार-सदस्य बताते हुए कहा कि समाचारों के आख्यान निर्माण, गलत सूचनाओं का तथ्यात्मक प्रतिवाद करने तथा नागरिकों तक प्रमाणिक जानकारी पहुंचाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर निर्वाचन आयोग की साख पर प्रश्न उठाने के अनेक प्रयास हुए हैं, लेकिन 25 जनवरी 1950 को स्थापना के बाद से संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत निर्वाचन आयोग अपनी स्वतंत्रता, निष्पक्षता और संवैधानिक मर्यादा पर अडिग खड़ा है। उन्होंने कहा कि सात दशकों से अधिक समय से यह संस्था विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र की चुनावी प्रक्रिया की संरक्षक रही है और उसकी विश्वसनीयता आज भी अटूट बनी हुई है।
निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डीपफेक और भ्रामक मंशा से तैयार किए गए सिंथेटिक कंटेंट के माध्यम से संस्थाओं के प्रति अविश्वास फैलाने के षड्यंत्रपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने मीडिया एवं संचार अधिकारियों से आयोग के नियमों, निर्देशों और दिशा-निर्देशों के आधार पर ऐसे प्रयासों का प्रभावी प्रतिकार करने का आग्रह किया।
सम्मेलन के दौरान ECINET एप्लिकेशन की विशेषताओं और महत्व की विस्तार से जानकारी दी गई। विश्व का सबसे बड़ा निर्वाचन सेवा प्लेटफॉर्म माने जाने वाले इस एप्लिकेशन में निर्वाचन आयोग के 40 से अधिक पोर्टलों को एकीकृत किया गया है। यह 22 अनुसूचित भाषाओं सहित अंग्रेजी में उपलब्ध है। बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) से लेकर आम मतदाता तक सभी इस एकल प्लेटफॉर्म के माध्यम से मतदाता पंजीकरण, मतदाता सूची खोज, आवेदन की स्थिति की जानकारी, डिजिटल मतदाता पहचान पत्र (ई-ईपीआईसी) डाउनलोड करने तथा शिकायत निवारण जैसी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। जनवरी 2026 में आधिकारिक लॉन्च के बाद से अब तक इस एप्लिकेशन के 10 करोड़ से अधिक डाउनलोड हो चुके हैं। अब कोई भी नागरिक ईपीआईसी कार्ड में सुधार, नामांकन अथवा नव-निर्माण के लिए किसी कार्यालय के चक्कर लगाए बिना घर बैठे अपने मोबाइल पर इन सेवाओं का उपयोग कर सकता है, जिसे इस एप्लिकेशन की सबसे बड़ी उपयोगिता बताया गया।
सम्मेलन में चुनाव चक्र के विभिन्न चरणों में अपनाई जाने वाली संचार रणनीतियों, महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधानों तथा मीडिया से जुड़े कानूनों का भी विस्तृत अवलोकन कराया गया। प्रेस नोट तैयार करने और मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम से उनके प्रभावी प्रसार, गलत सूचनाओं से निपटने, युवा मतदाताओं से संवाद स्थापित करने तथा निर्वाचन आयोग की पहलों को जन-जन तक पहुंचाने जैसे विषयों पर व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा प्रतिभागियों को मतदाता सूची तैयार करने, मतदान प्रक्रिया और मतगणना प्रक्रिया का प्रत्यक्ष प्रदर्शन कराया गया तथा प्रदर्शनी एवं मीडिया कॉर्नर का भ्रमण भी कराया गया। सम्मेलन का समापन निर्वाचन आयोग और प्रतिभागियों के बीच आयोजित प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें चुनावी संचार व्यवस्था और सूचना प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

Pratahkal Bureau
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