परीक्षा तिथियों के टकराव से हजारों छात्रों का भविष्य अधर में, नेता ने कुलपति से लगाई गुहार
सवाई माधोपुर के बामनवास में डीएलएड और शास्त्री की परीक्षाएं एक साथ टकराने से हजारों छात्रों का भविष्य संकट में है। परीक्षा केंद्रों की दूरी और समय के टकराव के कारण छात्रों ने कुलपति से हस्तक्षेप कर तिथि आगे बढ़ाने की मांग की है।

बामनवास में परीक्षा तिथियों के टकराव को लेकर विधायक प्रत्याशी राजेन्द्र मीना के नेतृत्व में कुलपति को ज्ञापन सौंपते स्थानीय लोग।
सवाई माधोपुर जिले के बामनवास क्षेत्र के हजारों छात्रों के लिए इस बार की परीक्षाएं एक बड़ी चिंता का विषय बनकर सामने आई हैं। डीएलएड और जगदगुरु रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय की शास्त्री परीक्षाओं की तिथियां एक ही समय पर होने के कारण विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लग गया है। छात्र अब असमंजस की स्थिति में हैं कि वे किस परीक्षा में सम्मिलित हों और किसे छोड़ें, क्योंकि एक भी परीक्षा छूटने का सीधा अर्थ एक शैक्षणिक वर्ष का नुकसान है।
इस संकट को देखते हुए विधानसभा बामनवास के 2023 के विधायक प्रत्याशी राजेन्द्र मीना ने इस मामले में हस्तक्षेप किया है। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र लिखकर स्थिति की गंभीरता को उजागर किया है। पत्र के अनुसार, डीएलएड की परीक्षाएं 30 जून से 11 जुलाई 2026 तक निर्धारित हैं। वहीं, शास्त्री द्वितीय, चतुर्थ और छठे सेमेस्टर की परीक्षाएं भी इसी समयावधि यानी 29 जून से 14 जुलाई के बीच आयोजित की जा रही हैं।
समस्या केवल तिथियों के टकराव तक सीमित नहीं है, बल्कि परीक्षा के समय और केंद्रों की दूरियां भी छात्रों के लिए पहाड़ जैसी चुनौती बन गई हैं। शास्त्री की परीक्षाएं 11 बजे से 2 बजे, 2 बजे से 5 बजे और 2:30 बजे से 5:30 बजे के विभिन्न सत्रों में संचालित हैं, जबकि डीएलएड की परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक है। परीक्षा केंद्रों का अलग-अलग स्थानों पर होना इस दुविधा को और अधिक बढ़ा देता है, जिसके कारण एक ही दिन में दोनों परीक्षाओं में सम्मिलित होना भौतिक रूप से असंभव है।
छात्रों की व्यथा यह है कि वे एक ओर डीएलएड में नियमित अध्ययनरत हैं, तो दूसरी ओर शास्त्री की परीक्षा स्वयंपाठी (प्राइवेट) विद्यार्थी के तौर पर दे रहे हैं। परीक्षा कार्यक्रम में हुए इस विरोधाभास के चलते छात्रों का एक साल बर्बाद होने का संकट मंडरा रहा है। राजेन्द्र मीना ने कुलपति से पुरजोर अनुशंसा की है कि शास्त्री की सभी शेष परीक्षाएं 12 जुलाई 2026 के बाद आयोजित की जाएं। अब देखना यह है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के इस भविष्य को बचाने के लिए परीक्षा सारणी में कोई सकारात्मक बदलाव करता है या नहीं।

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