सवाई माधोपुर में पोषण और शिक्षा सुधार पर जिला स्तरीय बैठक, आंगनबाड़ी निरीक्षण व विद्यालय विकास पर जोर
सवाई माधोपुर में जिला प्रशासन ने आंगनबाड़ी केंद्रों और राजकीय विद्यालयों में स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के लिए व्यापक निरीक्षण और सुधारात्मक कार्रवाई की योजना बनाई। जिला कलक्टर काना राम ने जर्जर भवनों की मरम्मत, शौचालय सुविधा और जनसहभागिता के माध्यम से वित्तीय सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सवाई माधोपुर, 26 नवंबर। जिले में महिलाओं और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को बेहतर बनाने के लिए बुधवार को जिला पोषण अभिसरण और निष्पादन समितियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में संपन्न इस बैठक में आंगनबाड़ी केन्द्रों और सरकारी विद्यालयों में गुणवत्ता सुधार और नियमित निरीक्षण पर विशेष जोर दिया गया।
जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि हर महीने के प्रथम गुरूवार को महिला एवं बाल विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों का आवश्यक निरीक्षण किया जाएगा और उसकी रिपोर्ट सीधे जिला प्रशासन को भेजी जाएगी। काना राम ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण आंकड़ों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा संचालित गतिविधियों का मूल्यांकन करना है।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के आंकड़ों में मौजूद अंतर को तत्काल सुधारने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को सतत निगरानी का निर्देश दिया। इसके साथ ही जर्जर घोषित आंगनबाड़ी भवनों को एक सप्ताह के भीतर ध्वस्त करने और मरम्मत योग्य भवनों की जल्द मरम्मत कराने के निर्देश भी दिए। सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में शौचालय की स्थापना अनिवार्य करने पर भी जोर दिया गया।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले छोटे बच्चों को शिक्षित करने हेतु विद्यालयों के अध्यापकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला कलक्टर ने कहा कि यह बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा देने के लिए आवश्यक है, ताकि वे भविष्य में विद्यालय में न्यूनतम शिक्षा स्तर से आगे बढ़ सकें और मेधावी विद्यार्थी बन सकें।
बैठक में शिक्षा विभाग की ‘भविष्य की उड़ान’ योजना के तहत सरकारी विद्यालयों के आधारभूत सुविधाओं के विकास हेतु स्थानीय भामाशाहों और जनसहभागिता से अधिक धनराशि जुटाने पर भी चर्चा हुई। काना राम ने सभी विद्यालयों को आवश्यक सुविधाओं की सूची तैयार करने के लिए 10 दिन की समय सीमा निर्धारित की। जर्जर और गिरने योग्य विद्यालय भवनों को जल्द से जल्द ध्वस्त करने तथा परिसर में किसी भी अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को सौंप दी गई।
बैठक में उप निदेशक आईसीडीएस प्रियंका शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी हरकेश मीना, एडीपीसी समसा दिनेश गुप्ता, सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जैमिनी सहित सभी ब्लॉक स्तर के शिक्षा और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों और विद्यालयों में बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य एवं शिक्षा की गुणवत्ता पर व्यापक चर्चा की गई।
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