सवाई माधोपुर: 'धरती माता बचाओ अभियान' को लेकर फर्टिलाइजर टास्क फोर्स की बैठक
अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा की अध्यक्षता में उर्वरक वितरण, कालाबाजारी पर रोक और मृदा स्वास्थ्य संरक्षण की समीक्षा हेतु संयुक्त बैठक आयोजित।

जिले में कृषि पारिस्थितिकी को संरक्षित करने और उर्वरकों के पारदर्शी वितरण को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 'धरती माता बचाओ अभियान' ने अब निर्णायक गति पकड़ ली है। गुरुवार को जिला परिषद सभागार में अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय फर्टिलाइजर डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेटरी टास्क फोर्स एवं अभियान की समीक्षा व निगरानी समिति की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में जिले के भीतर उर्वरकों की वर्तमान उपलब्धता, वितरण प्रणाली की बारीकियों और किसानों द्वारा इनके वास्तविक उपयोग की गहन समीक्षा करते हुए प्रबंधन तंत्र को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर विस्तृत रणनीतिक चर्चा की गई।
बैठक के दौरान संयुक्त निदेशक कृषि लखपतलाल मीणा ने 'धरती माता बचाओ अभियान' के मूल उद्देश्यों, आगामी कार्ययोजना और त्रिस्तरीय निगरानी तंत्र का खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि मृदा स्वास्थ्य के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए उर्वरकों का केवल संतुलित और वैज्ञानिक उपयोग ही एकमात्र विकल्प है। अभियान की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि उर्वरकों की आपूर्ति और भंडारण से लेकर वितरण और अंतिम उपभोग तक, प्रत्येक स्तर पर प्रशासन की पैनी और सतत निगरानी बनी रहेगी। उन्होंने रेखांकित किया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसाओं के अनुसार उर्वरक प्रयोग को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि भूमि की नैसर्गिक उर्वरता अक्षुण्ण रहे और उत्पादन क्षमता में गुणात्मक वृद्धि हो सके। इसके साथ ही, मीणा ने चेतावनी भरे लहजे में स्पष्ट किया कि अनुदानित उर्वरकों के गैर-कृषि उपयोग, कालाबाजारी और राज्य की सीमाओं से बाहर अवैध परिवहन को रोकने के लिए प्रवर्तन एजेंसियां सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी।
अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा ने उपस्थित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि किसानों को केवल उर्वरक वितरण तक सीमित न रखकर उन्हें संतुलित पोषण प्रयोग के प्रति निरंतर जागरूक किया जाए। उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक खेती को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए इसे जन-आंदोलन के रूप में अपनाने हेतु प्रभावी प्रेरणा देने पर जोर दिया। शर्मा ने विभिन्न विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित कर ग्राम स्तर तक जागरूकता गतिविधियों को सुदृढ़ करने और अभियान के क्रियान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उर्वरक वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी के साथ-साथ प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत की जानी अनिवार्य है ताकि 'धरती माता बचाओ अभियान' के उद्देश्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति हो सके। उन्होंने इस अभियान को भूमि उर्वरता संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और सतत कृषि की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल करार दिया। इस समीक्षा बैठक में प्रबंध निदेशक केंद्रीय सहकारी बैंक बिजेंद्र कुमार शर्मा, परियोजना निदेशक आत्मा अमर सिंह, सहायक निदेशक कृषि खेमराज मीणा, गोपाल लाल शर्मा, सुरेश कुमार चौधरी, बृजेश मीणा और कृषि अधिकारी राजाराम शर्मा सहित कई प्रगतिशील किसान मौजूद रहे, जिन्होंने कृषि विकास के इस साझा विजन पर अपनी सहमति व्यक्त की।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
