हिंडौन (करौली)। जब पसीने की बूंदें मैदान की मिट्टी से मिलने को बेताब हों और खिलाड़ियों का जोश प्रशासनिक फाइलों में दब जाए, तो संघर्ष का जन्म होना स्वाभाविक है। हिंडौन शहर में पिछले चार वर्षों से अधर में लटके खेल स्टेडियम के निर्माण को लेकर अब खेल प्रेमियों के सब्र का बांध टूट गया है। जाट का तालाब क्षेत्र के पास प्रस्तावित खेल स्टेडियम की भूमि आज भी अपने उद्धार की राह देख रही है, जबकि सरकारी कागजों में यह परियोजना वर्षों पहले स्वीकृत हो चुकी है। खिलाड़ियों के भविष्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ के विरोध में आज जिले के खेल जगत से जुड़ी नामचीन हस्तियों और विभिन्न खेल संगठनों के पदाधिकारियों ने हुंकार भरी और उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इस 'प्रशासनिक गतिरोध' को समाप्त करने की पुरजोर मांग की।

इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाला पहलू करौली जिला खेल अधिकारी और हिंडौन के सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के बीच आपसी सामंजस्य का अभाव रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों विभागों के बीच तालमेल की भारी कमी और अधिकारियों की कथित लापरवाही के कारण निर्माण कार्य एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सका है। स्टेडियम की स्वीकृति होने के बावजूद धरातल पर ईंट न लग पाना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े करता है। आज जब आक्रोशित खेल जगत के प्रतिनिधि उपखंड कार्यालय पहुंचे, तो उपखंड अधिकारी हेमराज गुर्जर ने मामले की गंभीरता को समझा। उन्होंने संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके पर ही दोनों संबंधित विभागों के अधिकारियों को फोन लगाया और सख्त लहजे में निर्देश दिए कि आपसी खींचतान छोड़कर समन्वय बिठाएं और अविलंब निर्माण कार्य की रूपरेखा तैयार करें।

ज्ञापन सौंपने के इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर हिंडौन के खेल कौशल के हर रंग की मौजूदगी देखी गई। पूर्व उपसभापति नफीस अहमद के नेतृत्व में जुटे इस दल में जिला बेसबॉल संघ के सचिव गोपाल सिंह बेनीवाल, रिटायर्ड उपजिला शिक्षा अधिकारी मुरारी लाल शाक्यवार, और अनुभवी शारीरिक शिक्षक केदार लवानिया जैसे दिग्गजों ने स्टेडियम की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही जिला सॉफ्टबॉल संघ के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय अंपायर देवीसहाय शर्मा, पूर्व क्रिकेटर महेश सोनी, बॉडीबिल्डर अजीत सूरोठिया, और मिस्टर राजस्थान अरशद कुरैशी ने अपनी उपस्थिति से प्रशासन को यह संदेश दिया कि खेल की दुनिया अब और चुप नहीं बैठेगी। सॉफ्टबॉल के विजय शर्मा, बबली सोलंकी, पूर्व क्रिकेटर राजीव चतुर्वेदी, वीरेंद्र बाजना, बैडमिंटन खिलाड़ी मुकेश धाकड़, राजीव गोयल, भुवनेश गोयल के साथ-साथ खेल प्रेमी राजेश तिवारी, रफीक चौधरी और अजीत कुमार ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।

हिंडौन में एक सर्वसुविधायुक्त खेल स्टेडियम का निर्माण न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को निखारने का जरिया बनेगा, बल्कि क्षेत्र के युवाओं को नशा और अन्य कुरीतियों से दूर कर मुख्यधारा से जोड़ने में भी मील का पत्थर साबित होगा। उपखंड अधिकारी के आश्वासन के बाद अब शहरवासियों की नजरें सरकारी मशीनरी की रफ्तार पर टिकी हैं। क्या प्रशासन अपनी सुस्ती त्यागकर हिंडौन के खिलाड़ियों के सपनों को धरातल पर उतार पाएगा, यह आने वाला समय ही बताएगा। लेकिन आज के इस विरोध प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हिंडौन की खेल प्रतिभाएं अब अपने हक के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

Pratahkal Newsroom

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