सवाई माधोपुर, 15 जनवरी 2026। राजस्थान के सवाई माधोपुर में बचपन की मासूमियत को कुरीतियों की बेड़ियों से बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, मानटाउन के प्रांगण में आज छात्राओं के जोश और संकल्प की गूंज सुनाई दी, जब 'बाल विवाह मुक्त भारत' अभियान के तहत सैकड़ों बेटियों ने इस सामाजिक बुराई को जड़ से मिटाने की शपथ ली। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के मार्गदर्शन और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के अध्यक्ष व सचिव के निर्देशानुसार आयोजित इस जागरूकता शिविर ने बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति सशक्त बनाने का कार्य किया।

आयोजन की कमान संभालते हुए असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल (ALADC) अक्षय सिंह राजावत एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कनिष्ठ सहायक दीपक नामा ने छात्राओं और विद्यालय स्टाफ को अभियान की गंभीरता से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में 4 दिसंबर 2025 से 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान का मूल उद्देश्य न केवल बाल विवाह जैसी कुप्रथा की पहचान करना है, बल्कि जोखिम वाले क्षेत्रों में पीड़ितों को तत्काल सुरक्षा प्रदान करते हुए समुदाय को दीर्घकालिक रूप से जागरूक करना है।

कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए अक्षय सिंह राजावत ने छात्राओं को बताया कि समाज में जागरूकता के साथ-साथ कानून का डंडा भी इस कुरीति पर प्रहार करने के लिए तैयार है। उन्होंने बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो एक्ट) 2012 और किशोर न्याय अधिनियम 2015 के कड़े प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही, कनिष्ठ सहायक दीपक नामा ने छात्राओं को आपातकालीन स्थितियों के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और नालसा हेल्पलाइन नंबर 15100 के महत्व को समझाया, जिसके माध्यम से कोई भी बालिका निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकती है।

कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण वह था जब अक्षय सिंह राजावत ने उपस्थित छात्राओं को बाल विवाह का पुरजोर विरोध करने की शपथ दिलाई। छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं बाल विवाह का हिस्सा नहीं बनेंगी, बल्कि अपने आस-पास होने वाले ऐसे किसी भी कृत्य की सूचना तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों या प्रशासन को देंगी। शिविर में बाल विवाह की रोकथाम के लिए गठित 'आशा यूनिट' और विधिक सेवा समितियों की भूमिका पर भी चर्चा की गई। यह आयोजन केवल एक सूचनात्मक शिविर न रहकर, सवाई माधोपुर की बेटियों के लिए एक ढाल बनकर उभरा है, जो आने वाले समय में जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

Pratahkal Bureau

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