सवाई माधोपुर के 263वें स्थापना दिवस पर उमड़ा जनसैलाब: प्रकृति की गोद से लोक-संस्कृति के आंगन तक बिखरी उत्सव की अनूठी आभा
सवाई माधोपुर के 263वें स्थापना दिवस के दूसरे दिन प्रकृति, खेल और संस्कृति का अद्भुत संगम दिखा। नेचर वॉक, फुटबॉल मुकाबले और पद दंगल में उमड़ी भीड़ के बीच कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा भी लोकगीतों पर थिरकते नजर आए। जानें 19 जनवरी को होने वाली कैलाश खेर की म्यूजिकल नाइट और भव्य शोभायात्रा का पूरा कार्यक्रम।

सवाई माधोपुर, 18 जनवरी। अरावली की पर्वतमालाओं और बाघों की दहाड़ के लिए विश्वविख्यात सवाई माधोपुर जिला वर्तमान में अपने गौरवशाली इतिहास के 263वें साल का जश्न मना रहा है। जिला प्रशासन एवं पर्यटन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस त्रि-दिवसीय महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को प्रकृति संरक्षण, शौर्य के खेल और लोक-संस्कृति का ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला कि पूरा जिला उत्सव के उल्लास में सराबोर हो गया। लवकुश वाटिका में पक्षियों के कलरव के बीच हुई नेचर वॉक से लेकर दशहरा मैदान में गूंजते पद दंगल के सुरों तक, हर आयोजन ने शहर की विरासत और जीवंतता को बखूबी बयां किया।
दिन की शुरुआत सुबह 8 बजे चौथ का बरवाड़ा स्थित सुरम्य लवकुश वाटिका में 'नेचर वॉक' के साथ हुई, जहाँ प्रकृति प्रेमियों ने जैव विविधता को बचाने का संकल्प लिया। उपखण्ड अधिकारी जोगेंद्र सिंह और सहायक वन संरक्षक मनीषा शर्मा के नेतृत्व में शुरू हुई यह पदयात्रा सघन ढाक वनों और तलाई मार्ग से होती हुई वॉच टावर तक पहुँची। इस दौरान चौथ का बरवाड़ा प्रधान, तहसीलदार नीरज सिंह, रेंजर कैलाश शर्मा और विकास अधिकारी इंद्राज मीणा सहित ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने आमजन के साथ वन्यजीवों के महत्व पर संवाद किया। प्रकृति के सान्निध्य में बिताए इन क्षणों ने पर्यावरण और पर्यटन के अंतर्संबंधों को नई गहराई प्रदान की।
खेल के मैदान पर भी स्थापना दिवस का उत्साह चरम पर रहा। पुलिस लाइन मैदान में 'पंच गौरव खेल' के तहत रोमांचक फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिला खेल अधिकारी के.एम. नारायण के प्रबंधन में खेले गए इन मुकाबलों में चार टीमों ने अपना दमखम दिखाया। प्रतियोगिता के फाइनल में 'खेलो इंडिया' की टीम ने अपनी रणनीति और कौशल से 'पंच गौरव' टीम को हराकर खिताबी जीत दर्ज की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में नगर परिषद आयुक्त, पी.जी. कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रामलाल बैरवा, उप निरीक्षक तेज सिंह जाट और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने विजेता खिलाड़ियों को किट, मोमेंटो और ट्रॉफी देकर उनका उत्साहवर्धन किया।
सांस्कृतिक वैभव की सबसे प्रखर झलक दशहरा मैदान में 'अमरूद एक्सपो' के मंच पर देखने को मिली, जहाँ पारंपरिक 'पद दंगल' ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जल सिंह एवं ग्राम खेड़ी की पार्टी सहित बड़ागांव कहार, जडावता तथा डैकवा की कन्हैया पद दंगल पार्टियों ने लोक विधाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इस कार्यक्रम की ऊर्जा तब दोगुनी हो गई जब कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा स्वयं को रोक नहीं पाए और लोकगीतों की थाप पर थिरकते हुए अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई। वहीं, रणथम्भौर कला शिविर में देश भर से आए चित्रकारों और स्कूली बच्चों ने 'कला के जरिए वन्यजीव संरक्षण' विषय पर कैनवास पर बाघों और वनस्पति के जीवंत रंग उकेरे। शाम ढलते ही रणथम्भौर की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को एक अलग ही जादुई दुनिया का अहसास कराया।
उत्सव का यह कारवां अब अपने अंतिम और सबसे भव्य पड़ाव की ओर बढ़ चला है। जिला कलक्टर काना राम ने समस्त जिलेवासियों से अपील की है कि वे 19 जनवरी को आयोजित होने वाले समापन कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें। सोमवार को प्रातः 9 बजे संस्थापक सवाई माधोसिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण के पश्चात भैरू दरवाजा से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। दोपहर में बौद्धिक कौशल की 'सवाई माधोपुर को जानो' क्विज प्रतियोगिता होगी, जबकि समापन की शाम प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर की 'रणथम्भौर रागा म्यूजिकल नाइट' से सजेगी, जो इस ऐतिहासिक महोत्सव को एक अविस्मरणीय विदाई देगी।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
