सवाई माधोपुर के 263वें स्थापना दिवस पर उमड़ा जनसैलाब: त्रिनेत्र गणेश की महाआरती से रणथम्भौर की माटी तक, लोक संस्कृति के रंग में रंगे विदेशी मेहमान
सवाई माधोपुर के 263वें स्थापना दिवस समारोह का भव्य आगाज़! रणथम्भौर के त्रिनेत्र गणेश मंदिर में महाआरती, खिलचीपुर में पारंपरिक खेलों का रोमांच और विदेशी पर्यटकों का राजस्थानी संस्कृति के साथ डांस। रस्साकशी और दीपदान जैसे आयोजनों ने उत्सव में फूंकी जान। जिले की ऐतिहासिक विरासत और संस्कृति की पूरी झलक इस विशेष रिपोर्ट में पढ़ें।

सवाई माधोपुर, 17 जनवरी। इतिहास की गौरवशाली विरासत और अरावली की गोद में बसे सवाई माधोपुर जिले ने आज अपने अस्तित्व के 263 वर्ष पूर्ण कर लिए। शनिवार की अलसुबह जब सूर्य की पहली किरण ने रणथम्भौर दुर्ग की प्राचीर को छुआ, तब विश्व प्रसिद्ध श्री त्रिनेत्र गणेश मंदिर में शंखनाद और महाआरती की गूँज के साथ तीन दिवसीय स्थापना दिवस समारोह का शंखनाद हुआ। भक्ति, शक्ति और संस्कृति के इस अनूठे संगम में न केवल स्थानीय निवासी बल्कि सात समंदर पार से आए विदेशी पर्यटक भी राजस्थानी रंगत में रंगे नजर आए। खिलचीपुर के मैदान से लेकर रामेश्वर घाट के त्रिवेणी संगम तक, पूरा जिला उत्सव के उल्लास में सराबोर रहा।
समारोह का औपचारिक आगाज़ जिला कलक्टर काना राम के नेतृत्व में हुआ, जिन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर जिला कलक्टर ने जिले की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए समारोह को जन-जन का उत्सव बताया। महाआरती के इस पावन क्षण में अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा, एसडीएम गौरव मित्तल, नगर परिषद आयुक्त देवेन्द्र जिन्दल, पर्यटन उप निदेशक मधुसूदन सिंह और सहायक जनसम्पर्क अधिकारी सुरेन्द्र कुमार मीणा सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण के साथ ही उत्सव की ऊर्जा पूरे शहर में फैल गई।
दिन चढ़ते ही सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र खिलचीपुर बना, जहाँ पारंपरिक खेलों ने इतिहास को जीवंत कर दिया। यहाँ आयोजित ग्रामीण खेल प्रतियोगिताओं में साफा बांधने की कला से लेकर मटका दौड़ तक, राजस्थान की मूल पहचान का प्रदर्शन हुआ। सबसे आकर्षक दृश्य तब देखने को मिला जब विदेशी पर्यटकों ने लोक कलाकारों के साथ कच्ची घोड़ी नृत्य और बहरूपिया कला का आनंद लेते हुए जमकर ठुमके लगाए। रस्साकशी और नींबू-चम्मच दौड़ जैसे खेलों में देशी और विदेशी प्रतिभागियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा ने भाईचारे का संदेश दिया। इस दौरान जिला कलक्टर काना राम, पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार और मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव बुडानिया ने न केवल विजेताओं का उत्साहवर्धन किया, बल्कि विदेशी मेहमानों को सवाई माधोपुर की विशेष कैप भेंट कर सम्मानित भी किया।
प्रतियोगिताओं के परिणामों ने स्थानीय प्रतिभाओं का लोहा मनवाया। महिलाओं की नींबू-चम्मच और म्यूजिकल चेयर रेस में यशस्वी ने प्रथम, साक्षी यादव ने द्वितीय और कनिष्का राजावत ने तृतीय स्थान प्राप्त कर अपना दबदबा बनाया। मटका दौड़ में चेतना प्रथम, निशा बैरवा द्वितीय और अनिता शर्मा तृतीय रहीं। वहीं, पुरुषों की साफा बांध प्रतियोगिता में रघुवीर सिंह नरूका ने प्रथम, आदित्य सिंह ने द्वितीय और तरुण सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त कर अपनी दक्षता दिखाई। रस्साकशी के रोमांचक मुकाबले में पुरुष वर्ग में राव हम्मीर क्लब और महिला वर्ग में रानी लक्ष्मीबाई क्लब ने जीत का परचम लहराया।
शाम होते ही उत्सव की आभा खण्डार क्षेत्र के पवित्र त्रिवेणी संगम, रामेश्वर घाट पर स्थानांतरित हो गई। चंबल, बनास और सीप नदियों के मिलन स्थल पर तहसीलदार पुष्कर सिंह की उपस्थिति में भव्य दीपदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। सैकड़ों दीपकों की लौ जब पानी की लहरों पर तैरने लगी, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो आकाश के सितारे धरती पर उतर आए हों। यह समारोह केवल एक वर्षगाँठ मात्र नहीं, बल्कि सवाई माधोपुर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन की संभावनाओं और सामुदायिक एकजुटता का एक सशक्त दस्तावेज बनकर उभरा है, जिसका समापन आगामी दो दिनों में और भी भव्य कार्यक्रमों के साथ होगा।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
