करौली 7 फरवरी। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी संचालन एवं आमजन को नजदीकी स्थानों पर उच्च स्तरीय ईलाज की सुविधा उपलब्ध करवाने हेतु जिले में पदस्थापित सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियो को एक दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

सामाजिक भ्रांतियों का निवारण और सीएचओ की जिम्मेदारी

सीएमएचओ डॉ जयंतीलाल मीना ने बताया की:

"आमजन में मानसिक रोगों से जुड़ी बहुत सारी सामाजिक भ्रान्तियाँ विद्यमान है, इनका समयबद्ध निवारण आवश्यक है, जिसके लिए सीएचओ की भूमिका अहम हो सकती है।"

डॉ रामस्वरूप ने सीएचओ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा की:

"सामुदायिक स्वास्थय अधिकारी आमजन से सीधे जुड़े होने के कारण आमजन की मानसिक समस्याओं को शुरआती अवस्था में पहचान कर आसानी से उचित मार्गदर्शन कर बीमारी को गंभीर स्थिति में जाने से रोक सकते है।"

वैज्ञानिक दृष्टिकोण और उपचार

मनोचिकित्सक डॉ प्रेमराज मीना ने स्पष्ट किया की:

  • "मानसिक रोग, रोग है कोई दैवीय अभिशाप नहीं, ईलाज संभव है।"
  • मानसिक रोग किसी दैवीय प्रकोप, भूत प्रेत, जादू टोना, टोटके से नहीं होता बल्कि दिमाग में होने वाले रासायनिक परिवर्तनो आदि से होता है।
  • समय पर मानसिक रोगों की पहचान एवं उचित उपचार से बीमारी आसानी से दूर की जा सकती है।

टेली मानस हेल्पलाइन एवं सरकारी सुविधाएँ

साइकेट्रिक नर्स गौरव गोयल ने टेली मानस हेल्पलाइन 14416 के महत्त्व के बारे में जानकारी देते हुए बताया की:

"किसी भी तरह की मानसिक एवं भावनात्मक समस्या होने पर घर बैठे मोबाइल से टेलीमानस हेल्पलाइन पर सलाह ले सकते है।"

सीआरए गौरव गोयल ने सुविधाओं का विवरण देते हुए बताया की:

  • मानसिक रोगों से पीड़ित व्यक्तियों का सरकारी अस्पतालो में निःशुल्क उपचार उपलब्ध है।
  • मानसिक दिव्यांगों का हर सोमवार जिला अस्पताल में प्रमाण पत्र बनाया जाता है।
Pratahkal Newsroom

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