राजस्थान के सवाई माधोपुर और करौली जिलों में पेयजल संकट के स्थायी समाधान हेतु राज्य सरकार की 4060 करोड़ रुपये की महत्त्वाकांक्षी 'चंबल–नादौती–सवाई माधोपुर वृहद पेयजल परियोजना' अब धरातल पर आकार ले रही है। रविवार को जिला कलक्टर काना राम ने परियोजना क्षेत्र का सघन निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति, तकनीकी बारीकियों और गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ अधीक्षण अभियंता के.एम. शर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्हें कलक्टर ने भीषण गर्मी के दृष्टिगत कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।

जिला कलक्टर काना राम ने मण्डरायल स्थित चंबल सीडब्ल्यूआर सेंटर, फिल्टर प्लांट और राजघाट पर नवनिर्मित इनटेक वेल का सूक्ष्म अवलोकन कर जल उपलब्धता की क्षमता का आंकलन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह परियोजना सवाई माधोपुर जिले के 579 गांवों और 4 शहरों के लिए दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली है, अतः इसकी गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलक्टर ने मण्डरायल के समीप प्रस्तावित इनटेक वेल स्थल का निरीक्षण करते हुए बताया कि यहाँ से चंबल नदी के जल को पम्प कर रॉ-वॉटर जलाशय में संग्रहित किया जाएगा, जिसके उपरांत जल शोधन संयंत्र से शुद्धिकरण कर पाइपलाइन द्वारा उच्च जलाशयों के माध्यम से वितरण सुनिश्चित होगा। भविष्य की जल आवश्यकताओं को देखते हुए 3 माह की अतिरिक्त क्षमता के जलाशय भी निर्मित किए जा रहे हैं।

अधीक्षण अभियंता जी.एस. शर्मा ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा बजट घोषणा वर्ष 2024-25 के तहत स्वीकृत इस विशाल परियोजना से सवाई माधोपुर और करौली जिलों के कुल 1426 गांव एवं 8 शहर लाभान्वित होंगे। इसमें सवाई माधोपुर जिले के 579 गांव और 4 प्रमुख शहर—सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, बामनवास एवं महूकलां शामिल हैं। तहसीलवार विवरण के अनुसार, वजीरपुर के 40 गांव, गंगापुर सिटी के 78, बामनवास के 139, खण्डार के 126, सवाई माधोपुर के 147 और चौथ का बरवाड़ा के 49 गांवों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा। यह पूरी योजना वर्ष 2054 की संभावित 19.5 लाख जनसंख्या की मांग को केंद्र में रखकर बनाई गई है। साथ ही, जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले के 126 गांवों में 22,098 घरेलू जल कनेक्शन प्रदान करने का लक्ष्य भी निर्धारित है।

परियोजना को तीन मुख्य पैकेजों—प्रथम (इनटेक वेल एवं रॉ-वॉटर संरचना), द्वितीय (क्लस्टर पम्प हाउस एवं मुख्य पाइपलाइन) और तृतीय (गांवों में वितरण प्रणाली) में विभाजित कर संचालित किया जा रहा है। जिला कलक्टर ने भूमि आवंटन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की और शेष प्रक्रियाओं को त्वरित गति से पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के पश्चात गंगापुर सिटी पहुंचे जिला कलक्टर ने अतिरिक्त जिला कलक्टर सुदर्शन सिंह के साथ हिंगोटिया स्थित चम्बल पम्प हाउस का जायजा लिया। वहां आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने विद्युत विभाग को ट्यूबवेल संचालन हेतु 7 दिवस में कनेक्शन जारी करने तथा अधिशाषी अभियंता रामकेश मीणा को 15 नए ट्यूबवेल तत्काल प्रारंभ करने हेतु निर्देशित किया। गंगापुर सिटी में वर्तमान 4 एमएलडी जलापूर्ति को बढ़ाकर 6 एमएलडी करने का निर्णय लिया गया है, जिससे स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। यह वृहद परियोजना क्षेत्र में पेयजल संकट के निवारण हेतु एक निर्णायक मील का पत्थर सिद्ध होगी।

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