राजसमंद। राजस्थान के राजसमंद जिले में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए दबंगों ने भीम थाना क्षेत्र में जमकर उत्पात मचाया है। गांव कालेड़ा में एक दलित परिवार पर हुए जानलेवा हमले और पुलिस की कथित शिथिलता ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। रक्षक के भक्षक बनने और राजनीतिक संरक्षण के दावों के बीच अब पीड़ित परिवार न्याय की आस में दर-दर भटकने को मजबूर है। यह मामला न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि समाज में गहराते गुंडाराज की ओर भी इशारा करता है।

घटना की शुरुआत 12 जनवरी 2026 की सुबह मामूली विवाद से हुई। गांव कालेड़ा निवासी प्रकाश चंद्र खटीक, जो भीम क्षेत्र में पानी के कैंपर सप्लाई करने का कार्य करते हैं, उनका वाहन निकालने को लेकर कुछ लोगों से विवाद हो गया था। यह विवाद शाम होते-होते खूनी रंजिश में बदल गया। आरोप है कि शाम करीब 6:53 बजे अर्जुन सिंह नामक व्यक्ति ने प्रकाश चंद्र को फोन कर भद्दी गालियां दीं और घर का दरवाजा खोलने की धमकी देते हुए अंजाम भुगतने को कहा।

धमकी के कुछ ही देर बाद अर्जुन सिंह के साथ जीवन सिंह, दीप सिंह, कैलाश सिंह, पुनम सिंह और लड्डू सिंह हथियारों से लैस होकर प्रकाश के घर पहुंचे। इन दबंगों ने घर का दरवाजा तोड़कर जबरन अंदर प्रवेश किया और वहां मौजूद परिजनों पर तलवार व लाठियों से हमला कर दिया। इस दौरान जब पीड़ित की पत्नी ने अपने पति को बचाने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की और छेड़छाड़ करते हुए उनकी साड़ी खींचकर उन्हें सरेआम अपमानित किया। चीख-पुकार और शोर सुनकर जब मोहल्ले के लोग इकट्ठा होने लगे, तो आरोपी अपने हथियार मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए।

हैरानी की बात यह रही कि आपातकालीन नंबर 112 पर सूचना देने के बावजूद पुलिस करीब डेढ़ घंटे देरी से मौके पर पहुंची। हालांकि पुलिस ने मौके से तलवार और लाठियां जब्त कीं, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने अगले दिन कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया और महज दो घंटे बाद ही उन्हें छोड़ दिया। प्रकाश चंद्र खटीक का कहना है कि आरोपी खुलेआम विधायक के नाम की धौंस जमा रहे हैं और खुद को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त बता रहे हैं। अपराधियों के इस दुस्साहस और भीम थाना पुलिस की सुस्त कार्रवाई से आहत होकर अब पीड़ित परिवार ने जिला पुलिस अधीक्षक राजसमंद की चौखट पर दस्तक दी है। परिवार ने एसपी से निष्पक्ष जांच, सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है ताकि वे फिर से निर्भय होकर जी सकें।

Updated On
Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story