राजस्थान में पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने और सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रविवार, 1 नवंबर को ‘ब्रिक्स सतत जीवन शैली सप्ताह 2026’ का प्रदेशव्यापी शुभारंभ हुआ। एक से सात नवंबर तक चलने वाले इस आयोजन में प्रदेशभर में पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा एवं जल बचत, प्लास्टिक मुक्त परिवेश और अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सप्ताह के दूसरे दिन सोमवार, 2 नवंबर को प्रदेशभर में ऊर्जा संरक्षण दिवस मनाया जाएगा।

इस वर्ष सप्ताह की थीम ‘वन वीक, सेवन एक्शन्स, वन प्लेनेट’ रखी गई है। इसके तहत प्रतिदिन पर्यावरण संरक्षण से जुड़े एक विशेष विषय पर गतिविधियां आयोजित होंगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से नागरिकों को दैनिक जीवन में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हो और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य का निर्माण किया जा सके।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘मिशन लाइफ’ (लाइफ स्टाइल फॉर एन्वायरमेंट) से प्रेरित होकर देशभर में आमजन और विशेषजन (सेलेब्रिटी) स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा उसे पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का संकल्प ले रहे हैं। इस सप्ताह के दौरान युवा बड़ी संख्या में ‘माय भारत’ प्लेटफॉर्म पर इससे संबंधित शपथ भी ले रहे हैं।

भारत द्वारा ‘ब्रिक्स 2026’ की मेजबानी के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने देशभर में 1 से 7 नवंबर तक ‘ब्रिक्स सतत जीवन शैली सप्ताह 2026’ मनाने का आह्वान किया है। इसके तहत राजस्थान सरकार ने पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को राज्य नोडल विभाग नियुक्त किया है। सभी विभागों और जिला कलेक्टरों के समन्वय से प्रदेशव्यापी कार्ययोजना तैयार कर साझा की गई है।

सोमवार को ऊर्जा संरक्षण पर केंद्रित रहेंगी गतिविधियां

सप्ताह के दूसरे दिन 2 नवंबर को ऊर्जा संरक्षण को लेकर प्रदेशभर में विशेष जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। नागरिकों को अनावश्यक रूप से जलती लाइट और विद्युत उपकरण बंद रखने, ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग करने, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत अपनाने तथा सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

ऊर्जा संरक्षण का संदेश आमजन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागों, शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी कार्यालयों और अन्य संस्थाओं की भागीदारी से जागरूकता कार्यक्रम संचालित होंगे। इनके माध्यम से बिजली की अनावश्यक खपत कम करने, ऊर्जा संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने और स्वच्छ ऊर्जा को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया जाएगा।

सात दिन, सात संकल्प के तहत पर्यावरण संरक्षण के अलग-अलग विषयों पर गतिविधियां निर्धारित की गई हैं। पहले दिन 1 नवंबर को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। इसके तहत नियमित योग एवं शारीरिक गतिविधियों, पौष्टिक और स्थानीय भोजन, मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल तथा सक्रिय एवं सकारात्मक जीवनशैली को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य स्वस्थ नागरिकों के माध्यम से स्वस्थ समाज और पर्यावरण के निर्माण में योगदान देना है।

इस अवसर पर जयपुर में आयोजित ‘साइक्लोथॉन फॉर ऑल’ में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने साइक्लोथॉन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन एवं पर्यावरण श्री आनंद कुमार, पर्यावरण विभाग की सचिव श्रीमती शैलजा देवल, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सदस्य सचिव श्री कपिल चंद्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साइक्लोथॉन में बड़ी संख्या में साइकिलिंग प्रेमियों, युवाओं और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई। इसमें दैनिक जीवन में पर्यावरण अनुकूल बदलाव अपनाने के साथ परिवार, मित्रों और समाज के अन्य लोगों को भी सतत जीवनशैली के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया गया।

तीसरे दिन 3 नवंबर को जल संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत पानी की प्रत्येक बूंद का महत्व समझाते हुए जल का विवेकपूर्ण उपयोग, पानी के रिसाव को रोकने, वर्षा जल संचयन, जल के पुनः उपयोग एवं पुनर्चक्रण तथा पारंपरिक जलस्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। जल सुरक्षा को भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जोड़ते हुए नागरिकों को अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

चौथे दिन 4 नवंबर को सतत खाद्य प्रणाली को लेकर गतिविधियां आयोजित होंगी। इनमें स्थानीय एवं मौसमी खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देने, मोटे अनाज और पारंपरिक फसलों को प्रोत्साहित करने, पौष्टिक एवं संतुलित आहार अपनाने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा। इसके साथ ही भोजन की बर्बादी रोकने और खाद्य संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग को लेकर जनजागरूकता विकसित की जाएगी।

पांचवें दिन 5 नवंबर को एकल उपयोग प्लास्टिक के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। नागरिकों को प्लास्टिक के स्थान पर कपड़े एवं पुनः उपयोग योग्य थैले, बोतलें और पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। टिकाऊ पैकेजिंग को प्राथमिकता देने तथा सार्वजनिक स्थलों को प्लास्टिक मुक्त रखने के प्रति भी जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

छठे दिन 6 नवंबर को ई-वेस्ट कम करने पर विशेष जोर रहेगा। बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक कचरे से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग, मरम्मत और पुनः उपयोग प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा ई-वेस्ट को अधिकृत माध्यमों से सुरक्षित तरीके से रिसाइकिल कराने, रिफर्बिश्ड उत्पादों को प्राथमिकता देने और इलेक्ट्रॉनिक कचरे को सामान्य घरेलू कचरे में नहीं डालने का संदेश दिया जाएगा।

सप्ताह के अंतिम दिन 7 नवंबर को अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसके तहत घरों में गीले, सूखे और हानिकारक कचरे का स्रोत पर पृथक्करण, जैविक कचरे से कंपोस्ट तैयार करने, पुनर्चक्रण एवं पुनः उपयोग को बढ़ावा देने तथा अनावश्यक उपभोग कम करने के लिए नागरिकों को प्रेरित किया जाएगा।

पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के माध्यम से संचालित इस राज्यव्यापी पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण को केवल जागरूकता कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय नागरिकों के व्यवहार और जीवनशैली में स्थायी बदलाव लाना है। सप्ताह के सातों विषय सीधे आमजन के दैनिक जीवन से जुड़े हैं। ऊर्जा और जल की बचत से लेकर प्लास्टिक एवं ई-वेस्ट के उचित प्रबंधन तक प्रत्येक प्रयास प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव को कम करने में सहायक होगा।

राजस्थान जैसे जलवायु एवं प्राकृतिक संसाधनों की दृष्टि से संवेदनशील राज्य में जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता, अपशिष्ट प्रबंधन और सतत उपभोग की आदतों का विशेष महत्व है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, संस्थानों और आम नागरिकों को पर्यावरण संरक्षण के साझा संकल्प से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

‘ब्रिक्स सतत जीवन शैली सप्ताह 2026’ के तहत सात दिनों तक चलने वाले कार्यक्रमों का उद्देश्य दैनिक आदतों में बदलाव के जरिए पर्यावरण संरक्षण को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ना है। स्वस्थ जीवनशैली, संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और स्वच्छता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी के साथ स्वच्छ, हरित और समृद्ध राजस्थान के निर्माण का संदेश दिया जा रहा है।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur

नाम: हरक चंद जैन

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)

परिचय

हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:

  • दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
  • अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।

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