कोटा। भारतीय रेल की पटरियों पर दौड़ती जिंदगी की सुरक्षा और समय की पाबद्धी जब किसी चुनौती के घेरे में आती है, तब रेलकर्मियों की सजगता ही ढाल बनकर खड़ी होती है। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में एक बार फिर मानवीय सतर्कता और अदम्य साहस की मिसाल देखने को मिली, जहाँ संभावित रेल दुर्घटनाओं को समय रहते टालने वाले परिचालन विभाग के 15 कर्मठ जांबाजों को सम्मानित किया गया। मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा ने इन कर्मचारियों की त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और अटूट कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए उन्हें प्रशस्ति पत्र और पुरस्कारों से अलंकृत किया। यह सम्मान समारोह उन नायकों को समर्पित रहा जिन्होंने अपनी पैनी नजरों और सूझबूझ से न केवल रेल संपत्ति की रक्षा की, बल्कि हजारों यात्रियों के सफर को सुरक्षित बनाया।

सजगता की इस गौरवगाथा में भरतपुर के स्टेशन मास्टर श्री प्रदीप सिंह सोलंकी का नाम सबसे ऊपर उभर कर आया, जिन्होंने मौत की आहट के समान 'जाम हॉट एक्सल' को समय रहते पहचान लिया। उनकी सतर्कता ने एक बड़ी और भयावह दुर्घटना को घटित होने से पहले ही रोक दिया। इसी प्रकार, प्रकृति के कोप के बीच दरा और कंवलपुरा के मध्य जब मूसलाधार बारिश ने रेल ट्रैक पर मलबे का अंबार खड़ा कर दिया, तब स्टेशन मास्टर दरा श्री हरिराम मीना, स्टेशन प्रबंधक श्री रामहेत मीना और यातायात निरीक्षक रामगंजमंडी श्री अमृतलाल मीना ने मोर्चा संभाला। इन अधिकारियों ने बिना समय गंवाए ट्रेनों की आवाजाही रोक दी और अपनी देखरेख में बाधित ट्रैक पर पुनः सुरक्षित परिचालन बहाल करवाया।

रेलवे की कार्यप्रणाली में सुव्यवस्था और संरक्षा को नया आयाम देने के लिए लालपुर उमरी के स्टेशन प्रबंधक श्री आबिद खान और गंगापुर सिटी के यातायात निरीक्षक श्री राजेश जोनवाल को उनके उत्कृष्ट रखरखाव कार्यों हेतु सम्मानित किया गया। वहीं, मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के कुशल संचालन में खंड नियंत्रकों और ट्रेन मैनेजरों की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण रही। रतलाम-गंगापुर और गंगापुर-चंदेरिया रेलखंड पर क्रेक ट्रेनों को 50 किलोमीटर प्रति घंटे की औसत रफ्तार से सुरक्षित गंतव्य तक पहुँचाने का श्रेय खंड नियंत्रक श्री नितिन मुकेश, श्री पी. एस. साहनी, श्री कलूराम मीना, श्री रामराज मीना, श्री कमल सिंह, श्री मुकेश मीना और ट्रेन मैनेजर श्री धीरज गौतम, श्री विजेंद्र मीना एवं श्री सरजीत सिंह को जाता है। रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इन कर्मचारियों का अटूट अनुशासन और टीमवर्क ही सुरक्षित भारतीय रेल की असली पहचान है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story