सवाई माधोपुर जिले के बौंली में विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों, रोकथाम और कानूनी सहायता के साथ पीड़ित प्रतिकर के अधिकारों की जानकारी देने के उद्देश्य से विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं अध्यक्ष व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के निर्देशानुसार एक्शन प्लान के तहत 21 जुलाई 2026 को स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल बौंली में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ।

तालुका अध्यक्ष विकास नेहरा की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में पीड़ित प्रतिकर के अधिकार और प्रक्रियाएं, पीड़ितों के मुआवजे तथा ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे के अवसर पर "नशे को ना कहे, सपनों को हां कहे, नशा स्टाइल नहीं है, अपने मस्तिष्क, शरीर और भविष्य की रक्षा करें" विषय पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम हुआ।

तालुका अध्यक्ष विकास नेहरा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि नशीले पदार्थ वे पदार्थ हैं जो मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा पहले से नशे की गिरफ्त में आ गया हो तो घबराने के बजाय उसके साथ शांतिपूर्वक एवं स्नेहपूर्ण व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने निःशुल्क कानूनी सहायता के लिए राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण हेल्पलाइन 15100 पर संपर्क करने की जानकारी दी।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के प्रावधानों से भी अवगत कराया गया। बताया गया कि यह कानून अवैध रूप से नशीले पदार्थों का उत्पादन, क्रय-विक्रय, परिवहन, भंडारण, आपूर्ति अथवा सेवन करने वालों के विरुद्ध कठोर दंड का प्रावधान करता है। बच्चों को बहलाकर, धमकाकर अथवा मजबूर करके नशे से जुड़े अपराधों में शामिल करना गंभीर एवं दंडनीय अपराध है। ऐसी किसी भी घटना की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को देना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

शिविर में नशे के कारण होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि लंबे समय तक नशा करने से लीवर, किडनी, फेफड़े और मस्तिष्क को स्थायी नुकसान हो सकता है। इसलिए सभी को नशे से दूर रहना चाहिए।

इस अवसर पर तालुका अध्यक्ष विकास नेहरा ने पीड़ित प्रतिकर स्कीम के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। पैनल अधिवक्ता अनिल कुमार शर्मा और गणपत लाल गुर्जर ने पीड़ित प्रतिकर के अधिकार और प्रक्रियाएं, पीड़ितों के मुआवजे, पुनर्वास और सहायता सेवाओं का अधिकार, नालसा (एसिड अटैक पीड़ितों के लिए विधिक सेवाएं) योजना 2026, पॉक्सो अधिनियम 2012, भारतीय दंड संहिता 2023 तथा ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे के अवसर पर नशे के दुष्परिणामों, रोकथाम एवं कानूनी सहायता के संबंध में जानकारी दी।

कार्यक्रम में स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम 1985 सहित विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर प्रधानाचार्य राजेश कुमार योगी, तालुका लिपिक गणपत सैनी, विद्यालय के अध्यापकगण, कर्मचारीगण, आमजन एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Pratahkal Bureau

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