जैन श्रमणों के विहार और चातुर्मास के लिए भूमि आवंटन पर पहली बैठक सम्पन्न, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव
बीकानेर में जैन श्रमणों के पैदल विहार, सुरक्षा और चातुर्मास के लिए भूमि आवंटन को लेकर जिला स्तरीय समिति की पहली बैठक हुई। कई महत्वपूर्ण सुझावों और आश्वासनों के बीच अब सबकी नजर आगामी निर्णयों पर टिकी है।

बीकानेर कलक्टर सभागार में जैन श्रमणों के चातुर्मास, पैदल विहार और भूमि आवंटन व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त जिला कलक्टर उम्मेद सिंह रतनू की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय समिति की प्रथम बैठक।
राजस्थान सरकार के संकल्प पत्र में जैन संतों के चातुर्मास के लिए भूमि आवंटन और पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की घोषणा के क्रम में बीकानेर में श्रमण विहार, सुरक्षा एवं भूमि आवंटन समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में जैन समुदाय के प्रतिनिधियों, समाज के प्रबुद्धजनों, शिक्षाविदों, युवाओं और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लेकर श्रमणों के पैदल विहार, विश्राम, आहार-निहार तथा चातुर्मास व्यवस्था को लेकर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।
निदेशक, अल्पसंख्यक मामलात विभाग के निर्देश तथा जिला कलक्टर के आदेश पर गठित जिला स्तरीय समिति की यह प्रथम बैठक कलक्टर सभागार में अतिरिक्त जिला कलक्टर उम्मेद सिंह रतनू की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जैन श्रमणों एवं साध्वी मंडलों के पैदल विहार के दौरान विश्राम स्थलों की व्यवस्था तथा चातुर्मास के समय प्रवचन एवं धार्मिक गतिविधियों के लिए उपयुक्त भूमि आवंटन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना था।
बैठक में जैन समुदाय के प्रतिनिधियों ने गंगाशहर रोड स्थित शिव वैली क्षेत्र सहित जिले के अन्य उपयुक्त स्थलों का चयन करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने भूमि चयन की प्रक्रिया में ब्लॉक एवं स्थानीय स्तर पर कार्यरत राजस्व अधिकारियों के सहयोग की मांग भी समिति के समक्ष रखी। इस पर समिति के अध्यक्ष, सदस्यों और सचिव ने सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया।
चर्चा के दौरान समुदाय की ओर से श्रमण विहार पथ के निर्माण, पैदल विहार मार्गों के चिन्हांकन, चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाने, मार्गों की मरम्मत कराने तथा श्रमणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त करने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए। इसके साथ ही जिला स्तर पर श्रमणों के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने की आवश्यकता भी रेखांकित की गई।
प्रतिनिधियों ने कहा कि जैन समुदाय लंबे समय से भूमि आवंटन के प्रयासों में लगा हुआ है और इस विषय को अधिक समय तक लंबित रखना उचित नहीं होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार समुदाय के सुझावों के आधार पर भूमि आवंटित करती है तो उस भूमि पर आवश्यक भवन एवं सुविधाओं का निर्माण कराने के लिए समाज पूर्ण रूप से तैयार है।
बैठक के दौरान चातुर्मास काल में गोगागेट स्थित पुलिस चौकी को पुनः सक्रिय करने की मांग भी उठाई गई। इस पर उप पुलिस अधीक्षक किशन सिंह राठौड़ ने पुलिस चौकी को शीघ्र पुनः संचालित किए जाने का आश्वासन दिया।
जैन समुदाय के प्रतिनिधियों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, अल्पसंख्यक मामलात विभाग तथा राजस्थान सरकार के उन सभी विभागों का आभार व्यक्त किया, जो जैन श्रमणों के पैदल विहार, आहार-निहार, विश्राम एवं चातुर्मास व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
बैठक के अंत में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी एवं श्रमण विहार और सुरक्षा एवं भूमि आवंटन समिति के सचिव राजेश कुमार कालवा ने उपस्थित सभी प्रतिनिधियों, अधिकारियों और समिति सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए बैठक के समापन की घोषणा की।
बैठक में उप पुलिस अधीक्षक किशन सिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी राजेश कुमार कालवा, भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के कार्यकारी अध्यक्ष मोहन सुराणा, जैन महासभा अध्यक्ष कन्हैयालाल बोथरा, महामंत्री जतनलाल संचेती, उपाध्यक्ष संजय सांड, पूर्व अध्यक्ष विनोद बाफना, सह सचिव मनीष नाहटा, पूर्व सचिव मेघराज बोथरा सहित जैन समाज के अनेक प्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। यह बैठक जैन श्रमणों के सुरक्षित विहार और चातुर्मास व्यवस्थाओं को संस्थागत रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

Pratahkal Bureau
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