बौंली: सवाई माधोपुर के बौंली में सीईओ गौरव बुड़ानिया का औचक धावा, सुस्त सिस्टम पर बरसे अधिकारी; अल्टीमेटम से मचा हड़कंप!
सवाई माधोपुर के जिला परिषद सीईओ गौरव बुड़ानिया ने बौंली पंचायत समिति का औचक निरीक्षण कर मनरेगा, पेंशन और पीएम आवास योजना में लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने 31 जनवरी तक पेंशन सत्यापन और 15 दिन में लंबित कार्यों को पूरा करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया है। पूरी रिपोर्ट में जानें कैसे प्रशासन ने सुस्त सिस्टम को पटरी पर लाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।

सवाई माधोपुर जिले के विकास कार्यों को गति देने और प्रशासनिक शिथिलता को समाप्त करने के उद्देश्य से जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) गौरव बुड़ानिया शुक्रवार को अचानक पंचायत समिति बौंली पहुंचे। उनके इस औचक निरीक्षण ने न केवल ब्लॉक मुख्यालय पर खलबली मचा दी, बल्कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही बरत रहे कार्मिकों की धड़कनें भी बढ़ा दीं। निरीक्षण की शुरुआत से ही सीईओ के तेवर कड़े नजर आए, जब उन्होंने विभिन्न शाखाओं की फाइलों को खंगाला और योजनाओं की धीमी प्रगति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया।
विकास के पहिए को तेज करने के संकल्प के साथ गौरव बुड़ानिया ने सबसे पहले मनरेगा शाखा का रुख किया। वहां बकाया भुगतान में हो रही देरी और कैटेगरी-4 के कार्यों की बेहद कम स्वीकृतियों को देखकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए और पंचायत क्षेत्रों में खेल मैदानों के प्रस्ताव अविलंब तैयार कर भिजवाए जाएं। इसके साथ ही, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के सत्यापन में बरती जा रही ढिलाई पर उन्होंने सभी ग्राम विकास अधिकारियों को 31 जनवरी की समयसीमा देते हुए शत-प्रतिशत सत्यापन कार्य पूर्ण करने की चेतावनी दी।
स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे फ्लैगशिप कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान सीईओ ने पाया कि कई पात्र परिवार अब भी सुविधाओं से वंचित हैं। आईएचएचएल सोक पिट, आरआरसी सेंटर और नाडेप कार्यों की अधूरी स्थिति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिक से अधिक नए आवेदन तैयार कर तत्काल स्वीकृतियां जारी करने के आदेश दिए। आवास योजना के तहत जिन मकानों का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है, उन्हें 15 दिन में धरातल पर लाने और प्रगतिरत आवासों की जीओ-टैगिंग कर अगली किश्त जारी करने के निर्देश दिए गए, ताकि गरीबों का छत का सपना अधूरा न रहे।
प्रशासनिक कसावट को और कड़ा करते हुए सीईओ ने संस्थापन शाखा में विचाराधीन कार्मिकों के प्रकरणों पर सेवा नियमों के तहत त्वरित कार्रवाई करने पर जोर दिया। पंचायत समिति परिसर में आयोजित 'ग्रामीण उत्थान शिविर' का निरीक्षण करते हुए गौरव बुड़ानिया ने न केवल फाइलों का मिलान किया, बल्कि वहां मौजूद काश्तकारों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। निरीक्षण के अंत में उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि जनहित की योजनाओं में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और 15 दिनों के भीतर संतोषजनक सुधार न दिखने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

Pratahkal Bureau
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