बौंली: अंबेडकर प्रतिमा पर पट्टिका लगाने को लेकर हंगामा, विधायक का प्रदर्शन
सवाई माधोपुर के बौंली में विधायक इंदिरा मीणा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की; पुरानी और नई प्रतिमा को लेकर उपजा विवाद।

सवाई माधोपुर के बौंली में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर नाम पट्टिका लगाने के विवाद ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। नगर पालिका चौराहे पर स्थित बाबा साहब की प्रतिमा पर नाम पट्टिका लगाने की मांग को लेकर क्षेत्रीय विधायक इंदिरा मीणा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की और पुलिस प्रशासन के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए बौंली थाने में विरोध प्रदर्शन किया।
घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बौंली सर्किल इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि 12 अप्रैल, रविवार की रात्रि को आमजन की शिकायत प्राप्त हुई थी कि कुछ लोग और ठेकेदार प्रतिमा पर नाम पट्टिका लगाने का प्रयास कर रहे हैं, जिन्हें मौके पर जाकर रोका गया। पुलिस के अनुसार यह मामला पूर्व से ही विवादित है, जिसके कारण प्रशासन ने हस्तक्षेप किया है।
दूसरी ओर, इस प्रकरण में अनुसूचित जाति विकास परिषद बौंली के महामंत्री ओमप्रकाश डंगोरिया ने एक अलग पक्ष रखते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। डंगोरिया के अनुसार, वर्ष 1991 के अप्रैल माह में ग्राम पंचायत द्वारा आवंटित भूमि पर परिषद के तत्वावधान में बाबा साहब की प्रतिमा का विधि-विधान से अनावरण किया गया था। उस समय तत्कालीन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कुंदन लाल मृगलानी मुख्य अतिथि थे और कार्यक्रम की अध्यक्षता जोगेश्वर गर्ग ने की थी। डंगोरिया का कहना है कि तब से लेकर आज तक सर्व समाज बिना किसी विवाद के यहाँ राष्ट्रीय पर्व और जयंतियां मनाता आ रहा है, लेकिन विधायक इंदिरा मीणा ने कथित रूप से वोटों की राजनीति के चलते पुरानी प्रतिमा के पास ही स्टेट हाईवे के बीच नई प्रतिमा स्थापित करा दी, जिसे उन्होंने बाबा साहब का अपमान बताया।
विवाद उस समय और गहरा गया जब थाने में प्रदर्शन के बाद शाम करीब 4 बजे विधायक इंदिरा मीणा पुनः समर्थकों के साथ नगर पालिका कार्यालय के समक्ष प्रतिमा स्थल पर पहुंचीं और पट्टिका लगाने का प्रयास किया, जिसे पुलिस ने एक बार फिर विफल कर दिया। इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस मीडिया प्रभारी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे भारतीय जनता पार्टी का षड्यंत्र करार दिया है। फिलहाल क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और प्रशासनिक सतर्कता बढ़ा दी गई है।

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