टोंक। बसंतीय नवरात्रा का आरंभ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को प्रात:काल दिव स्वभाव लग्न युक्त मुहुर्त में होता है। इस वर्ष यह पर्व गुरुवार, 19 मार्च 2026 को सुबह 06.53 बजे से प्रारंभ हो रहा है और 20 मार्च को सूर्योदय से पूर्व 04.52 बजे तक रहेगा। सूर्योदय का समय सुबह 06.36 बजे है।

बसंत नवरात्रा की घट स्थापना उदय व्यापिनी प्रतिपदा तिथि में होती है, जिसमें चitra नक्षत्र एवं वैधृति योग वर्जित माने गए हैं। शास्त्रों के निर्देशानुसार अभिजित मुहुर्त में घट स्थापना करना श्रेष्ठ माना गया है। इस वर्ष सूर्योदय से पूर्व 04.04 बजे तक उत्तराभाद्रा नक्षत्र रहेगा, उसके पश्चात रेवती नक्षत्र का शुभारंभ होगा।

देवी का आह्वान और घट स्थापना के लिए प्रात:काल का श्रेष्ठ समय द्विस्वभाव मीन लग्न में सुबह 06.54 से 07.50 बजे तक है। मिथुन लग्न दिन में 11.24 बजे से दोपहर 01.38 बजे तक रहेगा। अभिजित मुहुर्त दोपहर 12.11 से 12.59 बजे तक है, जिसमें दिव स्वभाव मिथुन लग्न रहेगा। शुभ चौघड़िया सुबह 06.54 से 08.05 बजे तक चर लाभ और अमृत की चौघड़िया दिन में 11.04 से 03.20 बजे तक रहेगी।

मनु ज्योतिष एवं वास्तु शोध संस्थान के निदेशक बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि माता जी की सवारी इस वर्ष पालकी पर होगी। भागवत पुराण के अनुसार माँ दुर्गा का पालकी पर सवार होकर आना एवं प्रस्थान करना सुख, समृद्धि, शुभता, कल्याण और शांति का प्रतीक है। इस शुभ अवसर पर किसानों को फसलों की अच्छी पैदावार के संकेत और पानी की पर्याप्त उपलब्धता का लाभ मिलेगा।

19 मार्च को विक्रम संवत 2083 का शुभारंभ हो रहा है, जिसका नाम रौद्र रखा गया है। नवरात्रा गुरुवार को शुभारंभ होने के कारण वारस्वामी देवगुरु बृहस्पति का प्रभाव रहेगा। नक्षत्र स्वामी शनि और राशि स्वामी बृहस्पति दोनों के प्रभाव से शनि चिंतन, अध्यात्मिक उन्नति, ज्ञान, धर्म और अध्यात्मिक विकास के कारक बनेंगे।

बाबूलाल शास्त्री ने बताया कि स्वार्थ सिद्धि योग 20 मार्च शुक्रवार को सुबह 06.35 से 21 मार्च सुबह 02.27 बजे तक, 23 मार्च रात्रि 08.49 से 24 मार्च सुबह 06.29 बजे तक और 25 मार्च सुबह 06.29 से सांयकाल 05.33 बजे तक रहेगा। रामनवमी 26 मार्च को दोपहर 04.19 से 27 मार्च दोपहर 03.24 बजे तक रहेगी। अष्टमी तिथि 25 मार्च बुधवार को दोपहर 01.51 बजे प्रारंभ होकर 26 मार्च गुरुवार को 11.50 बजे समाप्त होगी।

इस प्रकार, टोंक में बसंतीय नवरात्रा की घट स्थापना धार्मिक एवं शास्त्रीय मुहुर्तों के अनुसार संपन्न होगी, जो श्रद्धालुओं के लिए शुभ अवसर और आध्यात्मिक आनंद का प्रतीक बनती है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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