सवाई माधोपुर, 25 मार्च। भारत के अंतर्राष्ट्रीय बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा ने महिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) सदस्यों को यूपीआई पर क्रेडिट लाइन के तहत ओवरड्राफ्ट (ओडी) सुविधा प्रदान करने की शुरुआत की है। इस नवाचार के साथ बैंक देश का पहला बैंक बन गया है, जो प्रधानमंत्री जन धन योजना से जुड़े सत्यापित महिला खाताधारकों को यह सुविधा उपलब्ध करा रहा है।

5,000 रुपये तक की डिजिटल क्रेडिट लाइन से सशक्तिकरण

बैंक ऑफ बड़ौदा क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि इस पहल के तहत पात्र महिला एसएचजी सदस्यों को 5,000 तक की ओवरड्राफ्ट सुविधा का डिजिटल माध्यम से सहज एक्सेस मिलेगा। इससे वित्तीय समावेशन को गति मिलने के साथ-साथ महिलाओं के नेतृत्व में आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का शुभारंभ माननीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा हैदराबाद में आयोजित 25वीं केंद्रीय स्तरीय समन्वय समिति (सीएलसीसी) बैठक के दौरान किया गया। यह पहल राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई), भारतीय बैंक संघ (आईबीए) एवं दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से लागू की गई है।

यूपीआई लिंक और डिजिटल लेनदेन की सुगमता

इस सुविधा के अंतर्गत पात्र लाभार्थी अपने ओवरड्राफ्ट खाते को किसी भी यूपीआई ऐप से लिंक कर डिजिटल रूप से लेनदेन कर सकेंगे। वे मर्चेंट क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान करने, शेष राशि एवं लेनदेन विवरण देखने तथा डिजिटल माध्यम से ही चुकौती करने में सक्षम होंगे, जिससे बैंक शाखा जाने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा शुरू की गई यह पहल लघु राशि के डिजिटल ऋणों के क्षेत्र में एक प्रभावी एवं विस्तार योग्य मॉडल सिद्ध होगी, जो देशभर में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा प्रदान करेगी।

नेतृत्व और विशेषज्ञों के विचार

बैंक ऑफ बड़ौदा के कार्यपालक निदेशक संजय मुदालियर ने कहा कि "यह पहल डिजिटल वित्तीय समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो महिला उद्यमियों को औपचारिक ऋण तक आसान एवं पारदर्शी पहुंच प्रदान करती है।" वहीं एनपीसीआई की कार्यकारी निदेशक सोहिनी राजोला ने इसे "यूपीआई आधारित डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में अहम पहल बताया।"

योजना के प्रमुख लाभ और प्रभाव

इस सुविधा से महिला एसएचजी सदस्यों को डिजिटल ऋण तक सरल पहुंच, वित्तीय समावेशन एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा, क्रेडिट हिस्ट्री निर्माण, पारदर्शी लेनदेन निगरानी तथा भविष्य में उच्च ऋण पात्रता का मार्ग प्रशस्त होगा। यह पहल डीएवाई-एनआरएलएम, पीएमजेडीवाई एवं डिजिटल इंडिया जैसे राष्ट्रीय अभियानों के अनुरूप है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story