न्यायालय के निर्देश एवं बाल विवाह रोकथाम

इस अवसर पर "बाल विवाह मुक्त अभियान राजस्थान सरकार एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बाल विवाह रोकथाम के संबंध में अक्टूबर 2024 में माननीय न्यायमूर्ति बीवी नगरत्न एवं आर महादेवन की बेंच द्वारा 16 वर्ष की उम्र की मुस्लिम बालिकाओं के विवाह के संबंध में खारिज याचिका" के बारे में जानकारी प्रदान की गई।

बाल विवाह एवं इसकी रोकथाम हेतु संचालित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत निम्नलिखित विषयों पर विस्तार से अवगत कराया गया:

  • घरेलू हिंसा के विरुद्ध अधिकार और बाल संरक्षण अधिकार अधिनियम।
  • बाल विवाह रोकथाम अधिनियम एवं विवाह पंजीयन अनिवार्यता अधिनियम।
  • निशुल्क शिक्षा का अधिकार, पोक्सो एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता के तहत बनाए गए प्रावधान।

सरकार का 4P फ्रेमवर्क और सामाजिक कारण

"सरकार की ओर से संचालित 4P फ्रेमवर्क के अंतर्गत रोकथाम, सुरक्षा, विनियम और नीति को अपनाते हुए बाल विवाह रोकथाम में विभिन्न विभागों की सक्रियता की जानकारी दी गई।"

कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह के मुख्य कारणों पर चर्चा की गई, जिनमें शामिल हैं:

  • लैंगिक भेदभाव और शिक्षा की कमी।
  • महिलाओं का कम आकलन एवं महिला सुरक्षा।
  • गरीबी, आर्थिक असमानता, पुरानी सामाजिक एवं सांस्कृतिक परंपरा।

विभागीय योजनाएं एवं जन कल्याणकारी स्कीमें

विभिन्न विभागों की ओर से संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई:

  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना, मिशन वात्सल्य योजना।
  • मिशन शक्ति, पोषण अभियान, पालनहार योजना।
  • समग्र शिक्षा अभियान, वोकेशनल शिक्षा, ओपन स्कूल योजना, स्कॉलरशिप योजना और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय।

"स्थाई लोक अदालत के अंतर्गत जन उपयोगी विवाद के प्रकरणों का निस्तारण कराया जाने, पीड़ित प्रतिकर स्कीम, निशुल्क विधिक सहायता, पोक्सो एक्ट, साक्षी संरक्षण योजना और हिट एंड रन स्कीम" के सभी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई।


उपस्थित अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक

इस अवसर पर विभिन्न विभागों के निम्नलिखित प्रतिनिधि और कर्मचारी उपस्थित रहे:

  • विधिक एवं तहसील विभाग: तालुका बामनवास पैनल अधिवक्ता राम सिंह मीणा, तहसील विभाग से शेर सिंह मीणा (गिरदावर पिपलाई)।
  • महिला एवं बाल विकास विभाग: सुनीता शर्मा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सीतापुरा कांता अग्रवाल, साथिन कार्यकर्ता सोनम कुमारी बंजारा (सहायिका)।
  • शिक्षा एवं समाज कल्याण: विनोद कुमार शर्मा (अध्यापक बामनवास पट्टी खुर्द), रिंकू मीणा (छात्रावास अधीक्षक बामनवास पट्टी कला), अंकुश वर्मा (सचिव)।
  • पंचायती राज एवं प्रशासन: ब्रजमोहन मीणा (प्रशासनिक अधिकारी), अनीता मीणा (एलडीसी ग्राम पंचायत पिपलाई) एवं अन्य तालुका कर्मचारी।
  • चिकित्सा विभाग: राजुल जैन (एएनएम पिपलाई)।
Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur

नाम: हरक चंद जैन

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)

परिचय

हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:

  • दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
  • अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।

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