मेवाड़ यूनिवर्सिटी गंगरार चित्तौडग़ढ़ राजस्थान द्वारा आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय ज्योतिष सेमिनार में टोंक के ज्योतिष विद्वानों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इस अधिवेशन में देश-विदेश के ज्योतिष विद्वानों और आचार्यों द्वारा भाग लिया गया, जहाँ वर्तमान परिवेश में त्योहारों के दो प्रकार से होने पर विशेष परिचर्चा की गई।

शास्त्र पंचांग मतभेद और शोध पत्र

इस सेमिनार के दौरान शास्त्र पंचांग मतभेद के बारे में विभिन्न मतभेदों पर विचारों का आदान-प्रदान और सक्रिय चर्चा की गई। महर्षि बाबूलाल शास्त्री ने शोध पत्र भेजकर दो त्यौहार होने एवं ज्योतिष क्षेत्र में त्योहारों को एक साथ करने के लिए विशेष सुझाव दिये तथा इन मतभेदों को दूर करने के लिए ज्योतिष के कुछ तथ्य प्रस्तुत किये। इसी क्रम में पं. बालकिशन शर्मा ने "सामूहिक रूप से त्योहारों को एक साथ मनाऐ जाने के लिए बल दिया।"

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति और सम्मान समारोह

मेवाड़ यूनिवर्सिटी चितौडग़ढ़ के कुलाधिपति डॉ. अशोक कुमार गदीया, कुलपति प्रो. डॉ. आलोक मिश्रा एवं विभागीय अध्यक्ष ज्योतिष विभाग डॉ. ओमप्रकाश शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में फ्यूचर पॉइंट के निदेशक अरुण बंसल दिल्ली, लाल धागे वाले पंडित जयप्रकाश दिल्ली, उत्तराखंड से नवल किशोर एवं जयपुर से रमेशगुरु कुमावत ने भाग लिया। महर्षि बाबूलाल शास्त्री एवं डॉ बालकिशन शर्मा को विशेष उल्लेखनीय योगदान के लिये "ज्योतिष शिरोमणि" उपाधि से सम्मानित किया गया।

Pratahkal Bureau

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