सवाई माधोपुर, 25 नवम्बर। शहर के अंसारी मोहल्ला और आसपास के क्षेत्रों में पेयजल संकट गंभीर रूप ले चुका है। गलता रोड पर रहने वाले हजारों निवासी प्रतिदिन पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं, जबकि जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं दिखाई दे रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मोहल्ले की पूरी आबादी केवल एक ही बोरवेल पर निर्भर है। यह बोरवेल पुराना होने के कारण अक्सर खराब हो जाता है और कुछ दिनों के अस्थायी समाधान के बाद समस्या फिर से उत्पन्न हो जाती है। बावजूद इसके, न तो जिला प्रशासन ने अतिरिक्त बोरवेल स्थापित करने का कोई कदम उठाया है और न ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस दिशा में कोई रुचि दिखाई है।

अंसारी मोहल्ला के निवासी यह भी बताते हैं कि गलता रोड स्थित हैंडपंप कई महीनों से खराब पड़े हैं। कई बार जलदाय विभाग को लिखित प्रार्थना पत्र देने के बावजूद, अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

पेयजल संकट के कारण आमजनता को दूर-दराज से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। ऐसे संकटपूर्ण माहौल में देश वाली मस्जिद का कुआं ही स्थानीय लोगों का एकमात्र सहारा बन गया है। लोग रस्सियों और बाल्टियों की मदद से रोजमर्रा के उपयोग के लिए पानी खींचने को मजबूर हैं।

पम्प संचालक रईस अंसारी ने बताया कि उन्होंने उच्च अधिकारियों को कई बार इस समस्या के समाधान हेतु अवगत कराया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और भी गंभीर रूप ले सकती है।

पेयजल संकट ने अंसारी मोहल्ला की सामाजिक और दैनिक जीवन व्यवस्था को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार, क्षेत्र में अतिरिक्त बोरवेल या वैकल्पिक जल स्रोत स्थापित करना अनिवार्य है, नहीं तो आने वाले दिनों में पानी की कमी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ बढ़ सकती हैं।

Pratahkal Bureau

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