हिण्डौन की अनिता जैन ने मोहनखेड़ा में पूर्ण किया वर्षीतप, गन्ने के रस से किया पारणा
13 माह की कठिन साधना के बाद अक्षय तृतीया पर भगवान आदिनाथ की परंपरा के अनुसार इक्षुरस ग्रहण कर व्रत संपन्न किया गया।

राजस्थान के करौली जिले की हिण्डौन सिटी स्थित मोहन नगर निवासी अनिता जैन ने जैन धर्म की अत्यंत कठिन और अनुशासित तप साधना 'वर्षीतप' को सफलतापूर्वक पूर्ण कर समाज के सम्मुख भक्ति और आत्मबल का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। 58 वर्षीय अनिता जैन, जो सतीश जैन की धर्मपत्नी हैं, ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि को मध्यप्रदेश के पावन मोहनखेड़ा तीर्थ में अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर विधिवत पारणा कर संपन्न किया। उन्होंने प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ की परंपरा का अनुसरण करते हुए इक्षुरस (गन्ने के रस) का ग्रहण कर अपनी 13 माह की लंबी साधना को विराम दिया।
जैन अलर्ट ग्रुप ऑफ इंडिया के अध्यक्ष एडवोकेट भगवान सहाय जैन ने तपस्या की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्षीतप लगभग 13 माह तक चलने वाली एक कठिन साधना है, जिसमें साधक निरंतर एक दिन पूर्ण उपवास और दूसरे दिन एकासना यानी एक समय भोजन के कड़े नियम का पालन करता है। अनिता जैन ने वर्ष 2025 में इस तप का संकल्प लिया था, जो 20 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के दिन पूर्ण हुआ। यह तपस्या भगवान आदिनाथ की उस ऐतिहासिक घटना से प्रेरित है, जब उन्होंने 400 दिनों की निराहार तपस्या के पश्चात हस्तिनापुर में इक्षुरस से पारणा किया था। इसी धार्मिक मान्यता के कारण आज भी वर्षीतप का पारणा गन्ने के रस से ही करने का विधान है।
जैन अलर्ट ग्रुप के डॉ. मनोज जैन ने बताया कि अनिता जैन की यह तपस्या न केवल उनकी अटूट श्रद्धा और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है, बल्कि यह संपूर्ण जैन समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैन धर्म में वर्षीतप का पारणा एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दुर्लभ आध्यात्मिक अनुष्ठान माना जाता है। अक्षय तृतीया के दिन किए गए इस पारणा का विशेष महत्व है, क्योंकि इस दिन किया गया दान और तप अक्षय फल प्रदान करता है। पारणा के दौरान पूर्ण शुद्धता और धार्मिक नियमों के साथ पहले इक्षुरस ग्रहण किया जाता है, जिसके पश्चात धीरे-धीरे सीमित एवं सात्विक आहार की प्रक्रिया अपनाई जाती है। यह साधना आत्मशुद्धि का सशक्त माध्यम होने के साथ-साथ कर्मों की निर्जरा कर मोक्ष मार्ग को प्रशस्त करती है। तपस्वीरत्ना अनिता जैन के हिण्डौन आगमन पर जैन अलर्ट ग्रुप ऑफ इंडिया द्वारा उनका भव्य अभिनंदन किया जाएगा। उनकी इस असाधारण आध्यात्मिक उपलब्धि से स्थानीय जैन समाज में गौरव और हर्ष का वातावरण व्याप्त है।

Madan Mohan Garg(Gangapur City)
नाम: मदन मोहन गर्ग
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (दैनिक प्रातःकाल, गंगापुर सिटी)
कार्यक्षेत्र: गंगापुर सिटी विधानसभा क्षेत्र सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला
बीट: प्रशासनिक समाचार, सामाजिक कार्यक्रम, जनसमस्याएं एवं सभी क्षेत्र
परिचय
मदन मोहन गर्ग राजस्थान के गंगापुर सिटी क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'दैनिक प्रातःकाल' में गंगापुर सिटी के ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत हैं। उनका मुख्य कार्यक्षेत्र गंगापुर सिटी विधानसभा सहित सवाई माधोपुर और करौली जिला है। वह स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों, सरकारी योजनाओं और सामाजिक कार्यक्रमों सहित सभी क्षेत्रों की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
मदन मोहन गर्ग को क्षेत्रीय पत्रकारिता का लंबा अनुभव है। वह साल 2015 से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र में समाचार संकलन व ब्यूरो संचालन का कार्य संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
वह उच्च शिक्षित हैं और उनकी शैक्षणिक योग्यता इस प्रकार है:
- बी.ए. (B.A.) और बी.एड. (B.Ed.)
- एम.ए. (M.A.) और एम.एड. (M.Ed. - मास्टर ऑफ एजुकेशन)
