सवाई माधोपुर, 26 दिसम्बर।

किसानों को आपदा और संकट की घड़ी में आर्थिक संबल प्रदान करने वाली प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं समयबद्ध बनाने की दिशा में शुक्रवार को सवाई माधोपुर कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शिकायत निराकरण एवं निगरानी समिति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई, जिसमें फसल बीमा से जुड़े लंबित, विवादित एवं अनियमित प्रकरणों की गहन समीक्षा की गई।

बैठक की शुरुआत में जिला कलक्टर काना राम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए केवल एक योजना नहीं, बल्कि विपरीत परिस्थितियों में सुरक्षा कवच है। ऐसे में प्रत्येक प्रकरण का तथ्यपरक परीक्षण कर शीघ्र निर्णय लिया जाना अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को उनका वैधानिक हक किसी भी स्थिति में विलंब के कारण प्रभावित नहीं होना चाहिए।

समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत रबी 2025-26 में फसल बीमा नामांकन की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही खरीफ-2025 में संपादित फसल कटाई प्रयोगों में सामने आई अनियमितताओं से जुड़े लंबित एवं विवादित मामलों की गहन पड़ताल की गई। जिला कलक्टर ने बैंक एवं बीमा कंपनी प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि सभी मामलों में समुचित रिपोर्ट, आवश्यक अभिलेख एवं प्रमाणिक तथ्य समय पर प्रस्तुत किए जाएं, ताकि निष्पक्ष निर्णय संभव हो सके।

उन्होंने आगामी रबी 2025-26 के लिए यह भी स्पष्ट किया कि सभी केसीसी धारकों, जिन्होंने योजना से बाहर रहने का विकल्प नहीं चुना है, उन्हें अनिवार्य रूप से फसल बीमा कवरेज प्रदान किया जाए, जिससे कोई भी पात्र किसान बीमा सुरक्षा से वंचित न रह जाए।

बैठक में फसल कटाई प्रयोगों में गाइडलाइन उल्लंघन पर प्रशासन का सख्त रुख देखने को मिला। जिला कलक्टर के निर्देश पर डूंगरी पटवारी मुरारी लाल सामरिया और खानपुर बडौदा पटवारी राजाराम गुर्जर को निलंबित करने की कार्रवाई की गई। वहीं मुई पटवारी अनिता शर्मा, जस्टाना पटवारी हरि ओम मीना, मेई कलां पटवारी विराट शर्मा, अहमदपुरा पटवारी श्रीमोहन रैगर, बाढ़कलां पटवारी अमित कुमार अग्रवाल तथा टोकसी पटवारी पवन कुमार मीना को राजस्थान सिविल सेवा नियमों के तहत 16 सीसी नोटिस जारी करने के निर्देश संबंधित तहसीलदारों को दिए गए।

बीमा कंपनियों की सहमति से उन फसल कटाई प्रयोगों को भी निरस्त किया गया, जो निर्धारित गाइडलाइन के अनुरूप नहीं पाए गए। भविष्य में ऐसी अनियमितताओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से आगामी रबी फसल कटाई प्रयोगों को लेकर सभी पटवारियों एवं कृषि पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण आयोजन के निर्देश दिए गए। यह प्रशिक्षण अतिरिक्त जिला कलक्टर की अध्यक्षता में आयोजित किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी उप निदेशक आर्थिक एवं सांख्यिकी डॉ. डिम्पल गुर्जर को सौंपी गई।

बैठक में संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) राकेश कुमार अटल, उप निदेशक पीडी आत्मा अमर सिंह, एलडीएम प्रदीप कुमार, तहसीलदार बृजेश कुमार सिंह तथा सहायक निदेशक श्याम बिहारी मथुरिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित कर किसानों के विश्वास को और मजबूत किया जाएगा, ताकि संकट के समय उन्हें त्वरित और न्यायसंगत राहत मिल सके।

Pratahkal Bureau

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