राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय, बौंली में आज दिनांक 13/04/2026 को भारतीय संविधान के शिल्पी बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती अत्यंत उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा और वैचारिक क्षमता को निखारने के उद्देश्य से विद्यालय प्रशासन द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने अपनी मेधा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं के परिणामों की घोषणा के साथ ही विजेताओं को पुरस्कृत कर उनके मनोबल को बढ़ाया गया।

निबंध प्रतियोगिता में पंकज गौतम ने अपनी प्रखर लेखनी के दम पर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि सुमन वर्मा द्वितीय स्थान पर रहीं। वहीं, भाषण प्रतियोगिता में अपने ओजस्वी विचारों से पूजा सैनी ने प्रथम और निशा सैनी ने द्वितीय स्थान हासिल किया। कला और सृजन के क्षेत्र में आयोजित ड्राइंग प्रतियोगिता के परिणाम विशेष रहे, जिसमें अंजू गुर्जर, मोनिका, कोमल प्रजापत एवं रेखा प्रजापत ने संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं गोलमा, ज्योति, अवंतिका और राधिका द्वितीय स्थान पर काबिज रहीं।

कार्यक्रम के मुख्य संबोधन में प्रधानाचार्य श्री योगेश कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को भारतीय संविधान में निहित मौलिक कर्तव्यों की गहराई से जानकारी दी। उन्होंने युवा पीढ़ी को देश सेवा, राष्ट्र की अखंडता की रक्षा और सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखने का दृढ़ संकल्प लेने हेतु प्रेरित किया। प्राध्यापक चिरंजीलाल रेगर ने बाबा साहेब के संघर्षमय और गौरवशाली जीवन यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन समानता और ज्ञान का प्रतीक है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से बाबा साहेब द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। यह संपूर्ण आयोजन न केवल विद्यार्थियों के कौशल को प्रदर्शित करने का सशक्त मंच बना, बल्कि उन्हें महान संविधान निर्माता के आदर्शों और राष्ट्र निर्माण के संकल्पों से जोड़ने का एक सफल प्रयास सिद्ध हुआ।

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