अखिल भारतीय साहित्य परिषद गंगापुर सिटी की बैठक में संगठन विस्तार पर चर्चा
डॉ. प्रमोद सागर के निवास पर आयोजित बैठक में सदस्यता अभियान, महाविद्यालय प्रभारी की नियुक्ति और मासिक काव्य गोष्ठियों के संचालन का निर्णय लिया गया।

गंगापुर सिटी। राजस्थान की साहित्यिक धरा गंगापुर सिटी में वैचारिक क्रांति और सृजनशीलता को नया आयाम देने के उद्देश्य से अखिल भारतीय साहित्य परिषद की एक निर्णायक संगठनात्मक बैठक संपन्न हुई। दिनांक 22 मार्च 2026 को परिषद के वरिष्ठ सदस्य डॉ. प्रमोद सागर के निवास स्थान पर आयोजित इस महत्वपूर्ण सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार श्री हनुमान मुक्त ने की। इस बैठक का मुख्य ध्येय क्षेत्र में बिखरी हुई साहित्यिक प्रतिभाओं को एक सूत्र में पिरोना और संगठन के वैचारिक ढांचे को सुदृढ़ बनाना रहा।
बैठक के दौरान संगठन के विस्तार और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर अत्यंत गहन मंथन किया गया। परिषद ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि गंगापुर सिटी सहित आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के सक्रिय लेखकों एवं कवियों का व्यापक डेटाबेस तैयार कर उन्हें परिषद की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। इस विस्तारवादी नीति को गति देने के लिए एक वृहद सदस्यता अभियान चलाने की रूपरेखा भी तैयार की गई है। युवा पीढ़ी में साहित्य के प्रति अभिरुचि जगाने हेतु डॉ. बिजेंद्र सिंह गुर्जर को महाविद्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वहीं विद्यालय स्तर पर संस्थागत आधार मजबूत करने के लिए प्रभारी प्राचार्य ओम प्रकाश मीना और प्राचार्य विजेन्द्र कुमार मीना को नियुक्त किया गया है।
नियमितता और संवाद बनाए रखने के लिए यह सुनिश्चित किया गया कि प्रत्येक माह के द्वितीय रविवार को परिषद की औपचारिक बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित होगी, जिसकी अगली कमान श्री चोखेलाल जी वर्मा को सौंपी गई है। रचनात्मकता को धरातल पर उतारने हेतु उच्च माध्यमिक विद्यालयों के सहयोग से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव पारित हुआ, जिसके अंतर्गत स्थानीय शिक्षण संस्थाओं में साप्ताहिक सृजनात्मक लेखन गतिविधियों का सूत्रपात किया जाएगा। डिजिटल युग के सामंजस्य में, परिषद के व्हाट्सएप ग्रुप पर प्रत्येक शनिवार और रविवार को किसी एक रचनाकार की कृति पर गंभीर विमर्श का सत्र आयोजित होगा, जिसका उत्तरदायित्व डॉ. प्रमोद सागर संभालेंगे।
संगठनात्मक पारदर्शिता को रेखांकित करते हुए महामंत्री व्यग्र पाण्डेय ने बजट का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया, जिसमें अवगत कराया गया कि वर्तमान में 25 सदस्यों का सक्रिय सहयोग प्राप्त हो रहा है, जिसका पूर्ण सदुपयोग साहित्यिक उन्नयन में किया जा रहा है। इस वैचारिक समागम में डॉ. मुकेश असीमित, बनवारी श्याम, अजय विद्रोही, मनीष अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य साहित्यकारों ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई और साहित्यिक वातावरण को सशक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। अंत में सधन्यवाद ज्ञापन के साथ इस गरिमामयी बैठक का समापन हुआ, जो क्षेत्र में एक नवीन सांस्कृतिक युग के सूत्रपात का संकेत दे रही है।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
