ईदगाह सर्किल प्रकरण पर प्रशासन सतर्क: गंगापुर सिटी में संवाद से बनी शांति और सौहार्द की मिसाल
गंगापुर सिटी में ईदगाह सर्किल नामकरण विवाद पर जिला प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए सभी पक्षों के साथ संवाद स्थापित किया। अतिरिक्त जिला कलक्टर सुदर्शन सिंह तोमर की अध्यक्षता में हुई बैठक में शांति, सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखने का सर्वसम्मति से संकल्प लिया गया।

सवाई माधोपुर, 1 नवम्बर।
गंगापुर सिटी में ईदगाह सर्किल के नामकरण को लेकर उपजे विवाद के बीच प्रशासन ने सजगता और संवेदनशीलता के साथ पहल करते हुए मामले के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून, नियम और सामाजिक सौहार्द के अनुरूप ही इस प्रकरण का निपटारा किया जाएगा।
जिला कलक्टर काना राम ने मीडिया में प्रकाशित समाचारों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उनके निर्देशानुसार अतिरिक्त जिला कलक्टर गंगापुर सिटी सुदर्शन सिंह तोमर ने संबंधित पक्षों और स्थानीय प्रबुद्धजनों के साथ संवाद की प्रक्रिया आरंभ की, जिससे शहर में शांति और समरसता का माहौल कायम रहे।
अतिरिक्त जिला कलक्टर की अध्यक्षता में हुई इस अहम बैठक में मामले के वास्तविक तथ्यों की जानकारी जुटाई गई और सभी पक्षों के बीच समन्वय स्थापित किया गया। बैठक में पुलिस उपाधीक्षक सीताराम, उपखण्ड अधिकारी बृजेन्द्र मीना, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता बदन सिंह, नगर परिषद के सहायक अभियंता तरुण जैन सहित सैनी समाज, अग्रवाल समाज और ईदगाह समिति के प्रतिनिधिगण मौजूद रहे।
बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं किया जाएगा। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने कहा कि सभी विवादों का निपटारा केवल संवाद और विधिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। चर्चा के पश्चात सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि किसी भी मूर्ति या शिलापट्टिका की स्थापना केवल सक्षम स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही की जाएगी। यदि कोई समाज या संगठन बिना अनुमोदन के ऐसा करने का प्रयास करता है, तो संबंधित पुलिस थाना अधिकारी प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेंगे।
इसके साथ ही, चौराहे के नामकरण की प्रक्रिया राजस्थान नगर पालिका अधिनियम एवं राजस्थान लोक संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत ही की जाएगी। बैठक में नगर परिषद आयुक्त को निर्देशित किया गया कि शहर के सौंदर्यकरण और विकास से जुड़े सभी कार्य नियमों के अनुरूप, स्थानीय जनभावनाओं और तार्किक दृष्टिकोण के साथ पूरे किए जाएं।
साथ ही, नगर परिषद द्वारा वर्ष 2016-17 में लोकनिधि से किए गए निर्माण कार्यों की तकनीकी जांच पर भी सहमति बनी। बैठक के अंत में सभी समाजों और प्रशासनिक प्रतिनिधियों ने एक स्वर में यह संकल्प दोहराया कि गंगापुर सिटी में शांति, आपसी सद्भाव और बेहतर कानून व्यवस्था को बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
प्रशासन की इस सक्रिय पहल ने न केवल शहर में तनाव की संभावनाओं को कम किया, बल्कि सामाजिक संवाद की परंपरा को भी मजबूती प्रदान की है। गंगापुर सिटी ने एक बार फिर यह साबित किया है कि मतभेदों का समाधान संवाद और संयम से संभव है।
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