क्षमा मूर्ति श्रमण आचार्य विशद सागर जी महाराज का ससंघ पिपलाई की धरा पर पहली बार प्रवेश होने से क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण गूंज उठा और पिपलाई का जैन समुदाय स्वयं को धन्य अनुभव करने लगा। पिपलाई प्रवेश के अवसर पर दिगम्बर जैन मन्दिर के प्रवक्ता बृजेन्द्र कुमार जैन सहित मन्दिर कमेटी के सभी पदाधिकारियों को पादप्रक्षालन का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

उल्लेखनीय है कि सन् 2006 में दिगम्बर जैन मन्दिर के जीर्णोद्धार के समय मुख्य वेदी भगवान महावीर स्वामी के पंच कल्याणक भी परम पूज्य श्रमण आचार्य गुरुवर 108 विशद सागर जी महाराज के ससंघ द्वारा जयपुर के महारानी फॉर्म स्थित गायत्री नगर में संपन्न कराए गए थे। ऐसे पूज्य श्रमण ससंघ का विहार करते हुए पिपलाई आगमन क्षेत्र के लिए अत्यंत सौभाग्यपूर्ण माना गया। पिपलाई पहुंचने के बाद श्रमणों ने दिगम्बर जैन मन्दिर में वर्तमान शासन नायक भगवान महावीर स्वामी, भगवान पार्श्वनाथ और भगवान शांतिनाथ के दर्शन कर ध्यान किया।

राजस्थान सरकार के संकल्प पत्र की घोषणा के आधार पर जैन समुदाय के श्रमणों के पैदल विहार के दौरान ठहराव, चातुर्मास में आहार, निहार एवं प्रवचन हेतु चिन्हित भूमि का श्रमण आचार्य विलक्ष्य सागर जी महाराज और विशाल सागर जी महाराज द्वारा पिपलाई में मौके पर निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के उपरांत उन्होंने विहार धाम निर्माण के लिए आशीर्वाद प्रदान किया, जिसे जैन समाज के लिए महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

इस दौरान आचार्य विशद सागर जी महाराज की शिष्या आर्यिका श्री भक्ति भारती माताजी ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खेड़ली में विद्यार्थियों को प्रवचन दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में करियर चयन के विविध विकल्पों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया, साथ ही तनाव दूर करने के उपाय बताए। उन्होंने देवाधिदेव भगवान ऋषभदेव के शिक्षा क्षेत्र में योगदान पर भी प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।

पिपलाई और खेड़ली क्षेत्र के श्रावकों को इस अवसर पर समाधि सम्राट श्रमण गणचार्य विराग सागर जी महाराज के शिष्य क्षमा मूर्ति श्रमण आचार्य विशद सागर जी महाराज, श्रमण विपिन सागर जी महाराज, श्रमण विलक्ष्यसागर जी महाराज, श्रमण विभोर सागर जी महाराज, श्रमण विशाल सागर जी महाराज, आर्यिका भक्ति भारती माताजी, क्षुल्लक विसोम सागर जी, क्षुल्लिका वात्सल्य भारती माताजी एवं आस्था जी माताजी का पावन सान्निध्य प्राप्त हुआ, जिससे क्षेत्र में हर्ष का वातावरण बना रहा।

श्रमणों के विहार के दौरान सवाईमाधोपुर जिला प्रशासन द्वारा पैदल विहार, ठहरने, निहार, सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का समुचित निर्वहन किया गया। प्रशासन की सक्रिय भूमिका से प्रसन्न होकर आचार्य विशद सागर जी महाराज के ससंघ ने जिले और प्रदेश की निरंतर उन्नति एवं खुशहाली के लिए आशीर्वाद प्रदान किया।

पिपलाई आगमन के बाद श्रमण संघ के आहार और ठहरने की व्यवस्था खेड़ली गांव में सोन्या गुर्जर और दिलीप गुर्जर के आवास पर की गई, जहां ग्रामीणों ने पूर्ण सहयोग दिया। इस सहयोग के लिए जैन समुदाय ने गुर्जर समाज के प्रति आभार व्यक्त किया। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक समरसता और प्रशासनिक समन्वय का भी सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।

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Pratahkal Bureau

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