सवाई माधोपुर में एसीबी का बड़ा धमाका: एक लाख की रिश्वत लेते बीडीओ रंगे हाथों गिरफ्तार
सवाई माधोपुर में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) जगदीश प्रसाद मीणा रंगे हाथों गिरफ्तार। बीपीएम पद से कार्यमुक्त नहीं करने और बिल पास करने की एवज में मांगी थी घूस। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जयपुर टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को दबोचा। पढ़ें पूरी खबर।

सवाई माधोपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को पुख्ता करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने आज एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। सवाई माधोपुर में तैनात ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) और जिला परियोजना प्रबंधक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे जगदीश प्रसाद मीणा को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। सरकारी तंत्र में बैठे इस रसूखदार अधिकारी द्वारा अपने ही मातहतों का शोषण करने की इस घटना ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के अनुसार, जयपुर नगर-प्रथम इकाई को एक परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि बीडीओ जगदीश प्रसाद मीणा, परिवादी और उसके दो साथियों को ब्लॉक परियोजना प्रबंधक (BPM) के पद से कार्यमुक्त न करने तथा उनके लंबित यात्रा भत्ते व अन्य बिलों को पास करने के बदले भारी-भरकम राशि की मांग कर रहे थे। आरोपी अधिकारी ने तीनों कर्मचारियों से एक-एक लाख रुपये, यानी कुल तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। संवेदनहीनता की हद तो तब पार हो गई जब मीणा ने परिवादी पर अपने दोनों साथियों की रिश्वत राशि भी खुद ही इकट्ठा करके लाने का अनैतिक दबाव बनाया।
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसीबी के उप महानिरीक्षक (द्वितीय) आनंद शर्मा के सुपरविजन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र के नेतृत्व में जाल बिछाया गया। शिकायत का सत्यापन होने के बाद, आज मंगलवार 24 फरवरी 2026 को एसीबी की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी। जैसे ही जगदीश प्रसाद मीणा ने परिवादी से पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये की राशि स्वीकार की, पहले से मुस्तैद टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई है।
एसीबी की अतिरिक्त महानिरीक्षक श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक पुलिस सत्येंद्र कुमार के निर्देशन में आरोपी से पूछताछ जारी है। ब्यूरो की टीमें आरोपी के कोटा स्थित निवास स्थान ‘विवेकानंद नगर’ सहित अन्य ठिकानों पर भी तलाशी ले सकती हैं। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे के साक्ष्यों को जुटाने के लिए गहन अनुसंधान किया जा रहा है। सवाई माधोपुर में हुई इस बड़ी कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि पद की आड़ में भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों के लिए अब जेल की सलाखें ही अंतिम ठिकाना हैं।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
