एक साल बे मिसाल : वतन फाउंडेशन की ‘मोहब्बत की रसोई’ ने पूरा किया मानवता का एक वर्ष – जरूरतमंदों को वितरित की गई स्पेशल डाइट, मिशन 365 की हुई शुरुआत
सवाई माधोपुर में वतन फाउंडेशन की ‘मोहब्बत की रसोई’ ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए एक वर्ष पूरा किया। संस्थापक हुसैन आर्मी और रूमा नाज़ द्वारा संचालित इस रसोई ने 500 जरूरतमंदों को स्पेशल डाइट भोजन वितरित किया। प्रथम वर्षगांठ पर मिशन 365 की घोषणा के साथ अब यह सेवा हर दिन चलेगी।

सवाई माधोपुर, 4 नवंबर।
मानवता की खुशबू, करुणा की परंपरा और सेवा का सिलसिला… इन तीनों का संगम सोमवार को सवाई माधोपुर में देखने को मिला, जब वतन फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘मोहब्बत की रसोई’ ने अपनी प्रथम वर्षगांठ पूरे उत्साह और संवेदना के साथ मनाई। रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में आयोजित इस विशेष अवसर पर लगभग 500 जरूरतमंद लोगों को स्पेशल डाइट के रूप में दाल, चावल, सब्जी, रायता, रोटी, सलाद और मिठाई का निःशुल्क वितरण किया गया।
यह रसोई 4 नवंबर 2024 को वतन फाउंडेशन के संस्थापक हुसैन आर्मी और उनकी पत्नी रूमा नाज़ द्वारा उनकी शादी की वर्षगांठ पर एक अनूठी पहल के रूप में शुरू की गई थी। तब से लेकर अब तक, हर सोमवार यह रसोई बिना रुके जरूरतमंदों के लिए भोजन उपलब्ध करवा रही है।
रूमा नाज़, जो वर्तमान में गंगापुर सिटी में रेलवे कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं, हर सोमवार अवकाश लेकर अपने घर पर 400 से 500 लोगों के लिए भोजन स्वयं तैयार करती हैं। शाम 5:30 बजे से स्टेशन परिसर में यह भोजन प्रेमपूर्वक वितरित किया जाता है। इस निरंतर सेवा के एक वर्ष पूरे होने पर सोमवार को ‘मोहब्बत की रसोई’ ने एक साल बे मिसाल का गौरव हासिल किया।
इस अवसर पर रूमा नाज़ ने भावनापूर्वक कहा, “अकेले ही चले थे जानिब-ए-मंज़िल, लोग मिलते गए और कारवां बनता गया।” उन्होंने बताया कि मोहब्बत की रसोई अब केवल एक सामाजिक पहल नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन बन चुकी है, जहां हर सप्ताह नए साथी अपनी सेवाभावना से जुड़ते जा रहे हैं।
वतन फाउंडेशन के मुखिया हुसैन आर्मी ने बताया कि सवाई माधोपुर की मिट्टी में मोहब्बत की ऐसी खुशबू है, जहां लोग धर्म, जाति और समुदाय से ऊपर उठकर केवल इंसानियत के लिए कार्य करते हैं। उन्होंने कहा, “मोहब्बत की रसोई हमारे लिए एक त्यौहार है — जैसे त्योहारों का इंतजार होता है, वैसे ही शहर के लोग हर सोमवार इस रसोई का इंतजार करते हैं।”
फाउंडेशन ने अब ‘मिशन 365’ की शुरुआत की घोषणा की है, जिसके तहत लक्ष्य रखा गया है कि सवाई माधोपुर में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए। इस मिशन के तहत 365 लोगों को जोड़कर यह रसोई हर सोमवार नहीं, बल्कि प्रतिदिन संचालित की जाएगी।
वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में फाउंडेशन संरक्षक सेवानिवृत्त प्राचार्य रजनी लक्ष्कार, प्रोफेसर रामलाल, राजेश शर्मा, सुनीता मधुकर, सुमन शर्मा, अंतिमा शर्मा, सबनम, कैलाश सिसोदिया, पार्षद संजय बैरवा, मुकेश जैन, पत्रकार जितेन्द्र कुमार जैन, टीपू सुल्तान, विष्णु मीना, विमल पांडे, अली हुसैन सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता और शुभचिंतक उपस्थित रहे।
‘मोहब्बत की रसोई’ आज न केवल जरूरतमंदों के लिए एक सहारा बन चुकी है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण भी है कि जब नीयत मोहब्बत की हो तो सेवा खुद एक इबादत बन जाती है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
