सवाई माधोपुर। राजस्थान के सवाई माधोपुर के गौरवशाली इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया, जब शहर के 263वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित देश के पहले ‘अमरूद महोत्सव’ का भव्य और औपचारिक समापन हुआ। रणथंभौर की इस वीर धरा पर कृषि और तकनीक के इस अनूठे संगम ने न केवल किसानों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी, बल्कि जिला मुख्यालय पर 'अमरूद उत्कृष्टता केंद्र' की स्थापना की घोषणा के साथ भविष्य की खुशहाली का मार्ग भी प्रशस्त कर दिया। दो दिनों तक चले इस कृषि तकनीक मेले ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए, जिसमें 25 हजार से अधिक प्रगतिशील किसानों और आमजन ने उत्साहपूर्वक भागीदारी कर कृषि नवाचारों को करीब से समझा।

महोत्सव के समापन समारोह के मुख्य अतिथि कृषि, उद्यानिकी, ग्रामीण विकास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा रहे। उन्होंने जनसमूह को संबोधित करते हुए एक बड़ी घोषणा की कि सवाई माधोपुर में स्थापित 'फूल उत्कृष्टता केंद्र' की तर्ज पर अब जल्द ही 'अमरूद उत्कृष्टता केंद्र' का संचालन भी शुरू किया जाएगा। डॉ. मीणा ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि प्रदेश में सर्वाधिक अमरूद उत्पादन के बावजूद जागरूकता और प्रसंस्करण सुविधाओं की कमी के कारण स्थानीय किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसान अमरूद का प्रसंस्करण कर जूस, पल्प, कैंडी, अचार और मिठाइयां बनाकर सीधे बाजार तक पहुंच बनाएंगे, तो उनकी आय में अभूतपूर्व वृद्धि सुनिश्चित होगी। राज्य सरकार ने किसानों को जैविक खेती की ओर मोड़ने के लिए जिले में ही 'जैविक बीज प्रमाणीकरण' की सुविधा उपलब्ध कराने का भी संकल्प दोहराया।

महोत्सव के दौरान ज्ञान और तकनीक का आदान-प्रदान प्रमुख आकर्षण रहा। डॉ. मीणा ने किसानों से आह्वान किया कि वे केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रहकर ग्रेडिंग और पल्प बनाने वाली आधुनिक मशीनों का उपयोग करें और वैज्ञानिक-किसान संवाद के माध्यम से सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों को अपनाएं। इसी क्रम में जिला कलेक्टर काना राम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'लैब टू लैंड' संकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि इस मेले का उद्देश्य प्रयोगशाला की तकनीक को सीधे खेत तक पहुंचाना है। उन्होंने आश्वस्त किया कि मेले में प्रदर्शित बेहतरीन नवाचारों को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन पूरी निष्ठा से किसानों का सहयोग करेगा।

समारोह के अंतिम चरण में प्रतिभाओं और नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कारों का वितरण किया गया। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं को स्मृति चिन्ह और नकद राशि देकर सम्मानित किया। नर्सरी प्रतियोगिता में गुजरात की जारवी नर्सरी ने बाजी मारी, वहीं फल प्रतियोगिता में रायपुर के देवेंद्र शुक्ला ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। उद्यानिकी लाइव डेमो में शैलेंद्र सिंह राठी (ड्रिप सिस्टम), पॉली हाउस श्रेणी में बृजेश कुमार और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में चंद्रवीर सिंह को 11-11 हजार रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। फल एवं फूल प्रदर्शनी में भी स्थानीय किसानों का दबदबा रहा, जिसमें मयूर पाटीदार, नंदलाल मीना, रामफूल मीना, रामखिलाड़ी मीना और सत्यकुमार राजपूत को फलों की विशिष्ट किस्मों के लिए पुरस्कृत किया गया। फूलों की विभिन्न श्रेणियों में राजमल मीना, रमेश माली, हंसराज माली, कैलाशी देवी, मदनलाल सैनी, प्रेमराज सैनी और नरोत्तम रैगर ने अपनी मेहनत का लोहा मनवाया और 1100-1100 रुपये का प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया।

इस गरिमामयी अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार, संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार राकेश कुमार अटल, उप निदेशक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक आत्मा अमर सिंह सहित प्रशासन और कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सवाई माधोपुर के किसानों के लिए आर्थिक स्वावलंबन और आधुनिक कृषि की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हुआ है, जो आने वाले वर्षों में क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने की क्षमता रखता है।

Pratahkal Newsroom

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