सवाई माधोपुर में सजेगा शौर्य और स्वाद का महासंगम: 263वें स्थापना दिवस पर बाघ और अमरूद महोत्सव की मचेगी धूम
सवाई माधोपुर के 263वें स्थापना दिवस पर आयोजित होने वाले भव्य बाघ एवं अमरूद महोत्सव 2026 की पूरी जानकारी। लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला और कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की गरिमामयी उपस्थिति में होने वाले इस आयोजन में आधुनिक कृषि तकनीक, ड्रोन डेमो और राजस्थानी संस्कृति का संगम दिखेगा। जानिए प्रदर्शनी, वैज्ञानिक संवाद और उत्सव के मुख्य आकर्षणों के बारे में।

सवाई माधोपुर की ऐतिहासिक धरा एक बार फिर अपने गौरवशाली इतिहास और अनूठी कृषि विरासत के उत्सव के लिए तैयार है। शहर के 263वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आगामी 17 से 19 जनवरी तक आयोजित होने वाला बाघ महोत्सव और अमरूद महोत्सव इस बार न केवल स्थानीय निवासियों बल्कि देश-दुनिया के पर्यटकों और किसानों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। राजस्थान सरकार के कैबिनेट कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने इस भव्य आयोजन को लेकर प्रदेशवासियों से अधिकाधिक सहभागिता का आह्वान किया है, जिससे इस उत्सव को एक जन-आंदोलन का रूप दिया जा सके।
इस त्रिदिवसीय महाकुंभ का औपचारिक शिलान्यास और मुख्य समारोह 18 जनवरी 2026 को प्रातः 10:30 बजे सवाई माधोपुर के दशहरा मैदान, जो फूल उत्कृष्टता केंद्र के ठीक सामने स्थित है, वहां आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत सरकार के लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वयं प्रदेश के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा करेंगे। जिला प्रशासन और कृषि एवं उद्यान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह मेला आधुनिक तकनीक और पारंपरिक संस्कृति का एक बेजोड़ उदाहरण पेश करेगा।
महोत्सव का मुख्य केंद्र 'अमरूद महोत्सव एवं कृषि तकनीकी मेला-2026' होगा, जहाँ अमरूद की विभिन्न विश्वस्तरीय किस्मों के पौधों और फलों का प्रदर्शन किया जाएगा। यहाँ न केवल फल बल्कि अमरूद से बने विभिन्न प्रसंस्कृत उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें ICAR और राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अमरूद संस्थानों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। किसानों को आधुनिक युग से जोड़ने के लिए मेले में ड्रोन तकनीक का लाइव प्रदर्शन होगा, जो यह दिखाएगा कि कैसे कृषि क्षेत्र में रोबोटिक्स और स्मार्ट फार्मिंग मॉडल क्रांतिकारी बदलाव ला सकते हैं। इसके साथ ही जैविक एवं प्राकृतिक खेती, केमिकल-मुक्त पद्धतियों और हाईटेक बागवानी पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जहाँ कृषि वैज्ञानिक सीधे किसानों और पशुपालकों से संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे।
तकनीक के साथ-साथ यह महोत्सव राजस्थानी लोक संस्कृति के रंगों से भी सराबोर रहेगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में पद दंगल और विभिन्न लोक कलाकारों की प्रस्तुतियाँ दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी। मेले में कृषि स्टार्टअप्स और एफपीओ के उत्पादों की प्रस्तुति के साथ-साथ उन्नत नस्ल के पशुधन और डेयरी नवाचारों का भी प्रदर्शन होगा, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने का संकेत है। सरकार की कृषि कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी साझा करने के लिए विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे, ताकि अंतिम छोर पर खड़ा किसान भी लाभान्वित हो सके। यह आयोजन सवाई माधोपुर की पहचान को 'टाइगर सिटी' के साथ-साथ 'अमरूद हब' के रूप में वैश्विक पटल पर स्थापित करने की एक सशक्त आधिकारिक पहल है, जो आने वाले समय में जिले के पर्यटन और कृषि व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

Pratahkal Bureau
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