गंगापुर सिटी में भक्ति का सैलाब: 551 कलशों के साथ गूंजा मां का जयकारा, देवी भागवत कथा का भव्य शंखनाद
गंगापुर सिटी में मां चक्रपाणि भक्त मंडल द्वारा आयोजित श्रीमद्देवी भागवत कथा का 551 कलशों की भव्य यात्रा के साथ ऐतिहासिक शुभारंभ हुआ। विधायक रामकेश मीणा सहित गणमान्य जनों की उपस्थिति और आचार्य अशोक दीक्षित के मुखारविंद से शक्ति की महिमा के श्रवण हेतु उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़। जानिए समाज और राष्ट्र के उत्कर्ष में माँ जगदंबा की शक्ति का महत्व।

गंगापुर सिटी। भक्ति, शक्ति और आस्था के अद्भुत संगम के साथ सोमवार को गंगापुर सिटी की धरा धर्ममय हो उठी। मां चक्रपाणि भक्त मंडल के तत्वाधान में आयोजित श्रीमद्देवी भागवत कथा का शुभारंभ एक ऐसी ऐतिहासिक और भव्य कलश यात्रा से हुआ, जिसने शहर के मुख्य मार्गों को केसरिया रंग और श्रद्धा के उल्लास से सराबोर कर दिया। 551 सौभाग्यवती महिलाओं ने अपने सिर पर मंगल कलश धारण कर जब नगर भ्रमण किया, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो साक्षात् देवलोक की छटा धरती पर उतर आई हो।
इस अलौकिक यात्रा का नेतृत्व विधायक रामकेश मीणा, पूर्व उपसभापति दीपक सिंघल और प्रधान यजमान रामगोपाल गुप्ता की अगवानी में किया गया। तहसील परिसर स्थित प्राचीन श्री चक्रपाणि दुर्गा मंदिर से मंत्रोच्चारण के साथ शुरू हुई यह यात्रा फवारा चौक और खाटू श्याम जी मंदिर होते हुए कथा स्थल, नहर रोड स्थित शिवम मैरिज होम पहुंची। पूरी राह श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते और माता के गगनभेदी जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। इस दौरान शहर के विभिन्न स्थानों पर दीपक नरूका, गौरव मालदानी, भानु सिंघल एडवोकेट और श्याम मंदिर कमेटी सहित अनेक सामाजिक संगठनों द्वारा पुष्प वर्षा कर यात्रा का भावभीनी स्वागत किया गया।
कथा के प्रथम दिन व्यासपीठ से आचार्य अशोक दीक्षित ने देवी भागवत के महात्म्य पर प्रकाश डालते हुए भक्तों को झकझोर दिया। उन्होंने अत्यंत सारगर्भित शब्दों में कहा कि वर्तमान युग में शक्ति की आराधना ही सर्वोपरि है। मां जगदंबा ही विद्या, कला, वाक् शक्ति, नेतृत्व और वीरता के रूप में भक्त को सामर्थ्यवान बनाती हैं। आचार्य ने राष्ट्र और समाज के उत्थान पर बल देते हुए कहा कि शक्ति का सदुपयोग समाज को नवचेतना प्रदान करता है, जबकि इसका दुरुपयोग पतन का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने 'जियो और जीने दो' के सनातन सिद्धांत को रेखांकित करते हुए बताया कि यह कथा मनुष्य को दुखों से मुक्ति पाकर आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देती है।
कथा के विधिवत प्रारंभ से पूर्व सभी पोथी यजमानों द्वारा शास्त्रोक्त विधि से देव पूजन संपन्न किया गया। आयोजन की भव्यता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ प्रतिदिन 21 विद्वान ब्राह्मणों द्वारा दुर्गा चंडी पाठ का सस्वर वाचन किया जाएगा। इस धर्म अनुष्ठान के साक्षी बनने के लिए अशोक बंसल, वासुदेव बंसल, राजू नौगांव, कुबेर मेडिकल, राजेंद्र प्रसाद, ओम अग्रवाल मेडिकल, डिंपल हलवाई, दिनेश करनपुर, रामकिशोर खंडेलवाल, अवधेश, प्रदीप राजोरिया, संतोष नारोली और चंद सोनी सहित सैकड़ों की संख्या में धर्मप्रेमी जनता उपस्थित रही। यह आयोजन न केवल धार्मिक अनुष्ठान है, बल्कि गंगापुर सिटी की एकता और अटूट श्रद्धा का जीवंत प्रमाण बनकर उभरा है।

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