2 साल: नव उत्थान–नई पहचान | अटल ज्ञान केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण राजस्थान में नई उजास
राजस्थान सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर ग्राम पंचायतों में स्थापित किए जा रहे अटल ज्ञान केंद्रों ने ग्रामीण शिक्षा और डिजिटल सशक्तीकरण को नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में शुरू इस पहल से युवाओं को डिजिटल शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और कैरियर परामर्श की सुविधाएं मिलेंगी, जिससे ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।

जयपुर/सवाई माधोपुर, 8 दिसम्बर। राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर राजस्थान एक नए बदलाव, नई पहचान और नवोत्थान की ओर निर्णायक कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ग्रामीण विकास और युवा सशक्तीकरण को जिस रफ्तार से आगे बढ़ाया गया है, उसका ताज़ा उदाहरण ग्राम पंचायत स्तर पर स्थापित किए जा रहे अटल ज्ञान केंद्र हैं—एक ऐसी पहल, जो गांवों में ज्ञान, डिजिटल सुविधा और अवसरों की नई क्रांति को जन्म दे रही है।
पिछले दो वर्षों के दौरान राज्य सरकार ने शिक्षा, रोजगार, कृषि, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की हैं। इसी क्रम में शुरू की गई अटल ज्ञान केंद्र योजना ग्रामीण युवाओं को डिजिटल शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और कैरियर मार्गदर्शन जैसी आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। सरकार का उद्देश्य शहर और गांव के बीच मौजूद डिजिटल और शैक्षणिक असमानता को समाप्त करना है, ताकि ग्रामीण युवाओं को भी समान अवसर प्राप्त हो सकें।
अटल ज्ञान केंद्र ग्राम पंचायतों में आधुनिकता के नए केंद्र के रूप में स्थापित किए जा रहे हैं। प्रत्येक केंद्र में ई-लाइब्रेरी, कंप्यूटर लैब, इंटरनेट सुविधा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए समर्पित अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। केंद्रों में विशेष रूप से प्रशिक्षित 'अटल प्रेरक' नियुक्त किए जा रहे हैं, जो न केवल डिजिटल सेवाओं का संचालन करेंगे, बल्कि युवाओं को कैरियर और स्किल डेवलपमेंट से जुड़ी जानकारी भी प्रदान करेंगे। इनमें ई-मित्र और कॉमन सर्विस सेंटर जैसी सुविधाएं भी शामिल होंगी, जिससे ग्रामीण नागरिक सीधे राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।
राज्य सरकार इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ा रही है। पहले चरण में 3,000 से अधिक जनसंख्या वाले ग्राम पंचायत मुख्यालयों को प्राथमिकता दी गई है। अब तक 1,274 अटल ज्ञान केंद्रों को चिन्हित कर वित्तीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। आगे चलकर प्रदेश की हर ग्राम पंचायत को इस सुविधा से जोड़ने की योजना है, ताकि कोई भी क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से दूर न रह जाए।
इस महत्वाकांक्षी योजना को मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने पुनर्गठित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत 1,047 पंचायत लर्निंग सेंटरों की स्वीकृति प्रदान की है। 232 करोड़ रुपए से अधिक की इस सहायता से अटल ज्ञान केंद्रों के लिए आवश्यक डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, कंप्यूटर लैब और ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म विकसित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण राजस्थान को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगी।
राज्य सरकार के विजन ‘विकसित भारत, विकसित राजस्थान’ को नई दिशा प्रदान करते हुए अटल ज्ञान केंद्र न केवल ग्रामीण शिक्षा को सशक्त कर रहे हैं, बल्कि युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित कर रहे हैं। यह पहल आने वाले समय में ग्रामीण राजस्थान के लिए परिवर्तन का आधार बनेगी और विकास की गति को अभूतपूर्व ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
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