सवाई माधोपुर, 8 नवंबर। राष्ट्रगीत “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शनिवार को इंदिरा मैदान में भव्य जिला स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। समारोह ने देशभक्ति, स्वदेशी चेतना और राष्ट्रीय एकता का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। पूरे इंदिरा मैदान में उपस्थित जनसैलाब “वंदे मातरम” और “जय हिंद” के नारों से गूंज उठा, जिससे वातावरण देशभक्ति की अलख से सराबोर हो गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि नगर परिषद सभापति सुनील तिलकर, जिला कलक्टर काना राम एवं अन्य अधिकारियों ने माँ भारती और महापुरुषों के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण कर किया। इसके बाद विद्यालयों के विद्यार्थियों ने “वंदे मातरम” थीम पर मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को जीवंत और प्रेरक बना दिया।

राजकीय महाविद्यालय के प्रोफेसर राजेश मीना ने “वंदे मातरम” की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और उसकी राष्ट्रीय महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा 1875 में रचित यह गीत उनके उपन्यास “आनंदमठ” (1882) में प्रकाशित हुआ था। रवीन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा इस गीत का गायन स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया। 24 जनवरी, 1950 को इसे भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया गया।

जिला कलक्टर काना राम ने कहा कि “‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा का स्वर है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम में देश को एकता के सूत्र में बाँधा। युवा पीढ़ी को इसके गौरवशाली इतिहास और भाव को जानकर जीवन में उतारना चाहिए।” कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत गाया और इसकी गरिमा का अनुभव किया।

इस अवसर पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा महापुरुषों के जीवन और योगदान पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में राष्ट्रगीत की 150 वर्षों की गौरवगाथा को चित्रों, दस्तावेजों और उद्धरणों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। जिला कलक्टर ने कहा कि यह प्रदर्शनी आगंतुकों को देशभक्ति का संदेश देती रहेगी और आगामी सात दिनों तक जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में आमजन के अवलोकन के लिए उपलब्ध रहेगी।

समारोह के अंत में “वंदे मातरम बाइक रैली” को जिला कलक्टर काना राम ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव बुडानिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार कस्वा समेत अन्य अधिकारियों और पुलिस जवानों ने आमजन के साथ बाइक रैली में भाग लिया। रैली इंदिरा मैदान से निकलकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई पुनः इंदिरा मैदान पर समाप्त हुई। सड़कों पर तिरंगे की लहर और राष्ट्रभक्ति के नारों ने पूरे शहर को उत्सव की भावना से भर दिया।

कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों की छात्राओं ने ऊर्जावान और देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। बालिका आदर्श विद्यामंदिर की छात्राओं ने “भारत वंदे मातरम, जय भारत वंदे मातरम” गीत पर एक्शन सॉन्ग प्रस्तुत किया। महात्मा गांधी विद्यालय की छात्राओं ने “तू सारे जहाँ से प्यारी भारत की बेटी” पर सामूहिक नृत्य किया। रणथंभौर चिल्ड्रन्स अकादमी की छात्राओं ने “है तिरंगा शान अपनी, देंगे इस पर जान अपनी” गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। केन्द्रीय विद्यालय की छात्रा पूर्वाक्षी अग्रवाल ने भरतनाट्यम की एकल प्रस्तुति दी, जबकि सेंट एन्सलम्स स्कूल के विद्यार्थियों ने “तेरा हिमालय आकाश छूते, बहती रहे ये गंगा” गीत पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव बुडानिया, अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकुमार कस्वा, नगर परिषद आयुक्त देवेन्द्र कुमार जिंदल सहित अन्य अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, एनसीसी कैडेट्स, स्कूली छात्र-छात्राओं और हजारों नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वरिष्ठ अध्यापक मीना शर्मा और जुगराज बैरवा द्वारा कार्यक्रम का मंच संचालन किया गया।

इस भव्य आयोजन ने न केवल “वंदे मातरम” के 150 वर्षों के गौरवपूर्ण इतिहास को उजागर किया, बल्कि युवा और नागरिकों में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना को भी मजबूती से जागृत किया।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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