सवाई माधोपुर: खंडार में पालतू कुत्तों के हमले में घायल हिरण के बच्चे की मौत
छापर कॉलोनी में कुत्तों के हमले से घायल वन्यजीव को वन विभाग ने रेस्क्यू किया था, लेकिन अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।

सवाई माधोपुर। राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के खण्डार शहर में आज सुबह वन्यजीव संरक्षण और पालतू जानवरों की लापरवाही से जुड़ी एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। सुबह लगभग 7 बजे छापर कॉलोनी में रास्ता भटककर आए एक मासूम हिरण के बच्चे पर दो कुत्तों ने जानलेवा हमला कर उसे बुरी तरह लहूलुहान कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के कंट्रोल रूम में खलबली मच गई, जिसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए गश्ती दल ने सुबह 8 बजे मौके पर पहुँचकर घायल शावक का रेस्क्यू किया। दुर्भाग्यवश, जीवन और मृत्यु के बीच जूझ रहे इस नन्हें हिरण ने वन विभाग के कार्यालय पहुँचने से पूर्व रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में वन रक्षक गिर्राज सैनी, फोरेस्टर मुकेश जाट, हनुमान होम गार्ड एवं अन्य होम गार्ड स्टाफ सक्रिय रूप से मौजूद रहा। फोरेस्टर अमरसिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि शावक को बचाने के हरसंभव प्रयास किए गए, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि उसे बचाया नहीं जा सका। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर कुत्ते आवारा नहीं बल्कि पालतू थे, जो स्थानीय निवासियों के स्वामित्व में हैं। जब इस संबंध में फोरेस्टर अमरसिंह से कुत्ते के मालिकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि पालतू कुत्तों द्वारा वन्यजीव को क्षति पहुँचाने की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यह घटना पालतू पशुओं के मालिकों की जिम्मेदारी और रिहायशी इलाकों में वन्यजीवों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
