सवाई माधोपुर, 18 नवम्बर। बच्चों की सुरक्षित यात्रा को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने शहर की विभिन्न स्कूलों में संचालित बाल वाहिनियों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर सामने ला दी। निरीक्षण के दौरान कई वाहन निर्धारित मानकों से विपरीत पाए गए, जिससे अभिभावकों की चिंताएं और गहरी हो गईं।

निरीक्षण में यातायात निरीक्षक राकेश शर्मा, सहायक उप निरीक्षक मथुरालाल और मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर कल्याण भी मौजूद रहे। टीम ने बाल वाहिनी चालकों को समझाया कि बच्चों को लेकर चलने वाले सभी वाहनों का रंग पीला होना अनिवार्य है, जिन पर स्कूल का नाम, पता, चालक व सहायक का नाम और संपर्क नंबर स्पष्ट अंकित होना चाहिए। वाहन चालक के पास मान्य ड्राइविंग लाइसेंस और कम से कम पांच वर्ष का अनुभव होना आवश्यक है, साथ ही वाहनों में आपातकालीन निकास, प्राथमिक उपचार किट, अग्निशमन यंत्र और जीपीएस जैसी सुरक्षा सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिएं।

निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ निजी स्कूल संचालक और वाहन चालक मुनाफे की लालच में बच्चों की सुरक्षा से समझौता कर रहे हैं। कई वाहनों में बच्चों को क्षमता से अधिक भरा गया था, कुछ बच्चे खड़े पाए गए। एक बाल वाहिनी बिना फिटनेस, बिना परमिट और बिना बीमा के संचालित होती मिली, जिसे मौके पर ही सीज कर दिया गया। कई वाहनों पर यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में चालान की कार्रवाई भी की गई।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी स्थिति में स्कूल वाहिनियों को निर्धारित नियमों से विचलित होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। औचक निरीक्षण से प्रशासन का यह संदेश स्पष्ट हो गया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आने वाले दिनों में ऐसे निरीक्षण और सख्ती से किए जाएंगे।

Pratahkal Bureau

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