सलूम्बर, 6 दिसंबर 2025। विश्व मृदा दिवस के अवसर पर सलूम्बर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में कृषि विभाग और संबंधित समितियों द्वारा विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों और ग्रामीण महिलाओं को मृदा स्वास्थ्य, मृदा संरक्षण तथा मृदा परीक्षण के महत्व के बारे में जानकारी प्रदान करना था।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने किसानों को मृदा परीक्षण के आधार पर उपयुक्त फसल और उर्वरक चयन करने की दिशा में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने जैविक खाद के प्रयोग को बढ़ावा देने और रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम में मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का महत्व भी स्पष्ट किया गया, जिससे किसान अपनी भूमि की वास्तविक उर्वरता का ज्ञान प्राप्त कर सकें और तदनुसार उत्पादन बढ़ा सकें।

साथ ही, कृषि विभाग के प्रतिनिधियों ने जल संरक्षण, वर्मी कंपोस्ट, फसल चक्र अपनाने और पौधों के पोषण प्रबंधन के महत्व पर भी प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान किसानों एवं ग्रामीण महिलाओं को मृदा संरक्षण से संबंधित पम्पलेट वितरित किए गए, ताकि वे इसे अपने समुदाय में साझा कर सकें।

इस जागरूकता कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी रही, जिन्होंने मृदा संरक्षण और स्वास्थ्य बनाए रखने के संदेश को अपनाने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने इस अवसर पर यह भी बताया कि सतत कृषि प्रथाओं और मृदा प्रबंधन के माध्यम से न केवल उपज बढ़ाई जा सकती है, बल्कि भूमि की दीर्घकालिक उर्वरता भी सुनिश्चित की जा सकती है।

सलूम्बर में आयोजित यह कार्यक्रम ग्रामीणों में मृदा संरक्षण और कृषि संवर्धन के प्रति जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण माध्यम साबित हुआ।

Kalpita Bhavsar (Salumber)

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कलपिता भवसार (सालुम्बर) प्रात:काल न्यूज़ की प्रतिष्ठित रिपोर्टर हैं, जिनका पत्रकारिता में अनुभव और निपुणता उन्हें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय खबरों की सटीक और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करने में सक्षम बनाती है। सालुम्बर से होने के नाते, वे स्थानीय मुद्दों, सामाजिक घटनाओं और जनसामान्य की आवाज़ को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाने का काम करती हैं। उनका लेखन तथ्यात्मक, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को खबरों के मूल अर्थ तक सीधे जोड़ता है।

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