लसाड़िया में पोर्टेबल एक्स-रे से टीबी स्क्रीनिंग अभियान तेज, 2586 जांच में मिले 31 मरीज, गांव-गांव लगेंगे कैंप
लसाड़िया में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत पोर्टेबल एक्स-रे से गांव-गांव स्क्रीनिंग जारी है। अब तक 2586 लोगों की जांच में 31 टीबी मरीज मिले।

तस्वीर में स्वास्थ्य विभाग की टीम उदयपुर के लसाड़िया में आयोजित शिविर के दौरान ग्रामीणों की टीबी स्क्रीनिंग और जांच की तैयारी करते हुए दिखाई दे रही है।
उदयपुर जिले के लसाड़िया में भारत सरकार के 100 दिवसीय गहन टीबी उन्मूलन अभियान (टीबी मुक्त भारत अभियान) के तहत टीबी की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के लिए विशेष गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं। जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र परमार तथा जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ. विष्णु दयाल मीणा के निर्देशन में खंड लसाड़िया में विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम, जनप्रतिनिधियों के साथ बैठकें, सामुदायिक बैठकें तथा पोर्टेबल एक्स-रे मशीन के माध्यम से गांव-गांव जाकर टीबी स्क्रीनिंग और जांच की जा रही है।
बीसीएमओ डॉ. सिन्टू कुमावत ने बताया कि लसाड़िया ब्लॉक में कुल 14 हाई रिस्क गांव चिन्हित किए गए हैं, जहां विशेष शिविर लगाकर पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से टीबी स्क्रीनिंग और जांच की जा रही है। अब तक आजनी, खजूरी, अगड, रमीना, वलिया खेड़ा, देवलिया, ओवरा और बोर का पानी गांवों में कुल 2586 लोगों की स्क्रीनिंग की गई है। इनमें 521 लोगों के एक्स-रे किए गए, जिनमें 31 टीबी मरीज पाए गए। इस अभियान से ग्रामीणों को त्वरित एवं सरल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला है।
मंगलवार को लसाड़िया गांव में आयोजित शिविर में 421 लोगों की स्क्रीनिंग की गई तथा 112 एक्स-रे किए गए। शिविर में चिकित्सा विभाग की ओर से एक्स-रे तकनीकी आकाश कुमावत, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर गजेंद्र मेघवाल, एसटीएस राजेंद्र प्रसाद मीणा, सीएचओ चंदन सिंह, सीएचओ मगन डामोर, एएनएम कोमल कटारा, आशा सहयोगिनियों और स्वच्छ कर्मियों ने सेवाएं दीं। विद्यालय की ओर से प्रधानाध्यापक बनवारी लाल बेरवा तथा ग्राम पंचायत से प्रशासक रुपलाल मीणा सहित समस्त स्टाफ और स्वच्छ परियोजना के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर अमीन खान पठान का भी पूर्ण सहयोग रहा।
शिविर के दौरान ग्रामीणों को टीबी रोग के प्रति जागरूक करते हुए समय पर जांच कराने और उपचार लेने के लिए प्रेरित किया गया। चिकित्सा विभाग की टीम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उपस्थित ग्रामीणों से आह्वान किया कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी, लगातार बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना अथवा टीबी से संबंधित अन्य लक्षण दिखाई दें तो बिना किसी संकोच के सरकारी स्वास्थ्य संस्थान पर निःशुल्क जांच कराएं और टीबी मुक्त भारत अभियान में सक्रिय सहयोग दें।
ग्रामीणों ने चिकित्सा विभाग द्वारा आधुनिक तकनीक के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से समाप्त करने के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। अभियान के तहत आगामी शिविर 15 जुलाई को समेल, 16 जुलाई को केलवा, 17 जुलाई को टेकन, 20 जुलाई को धोलीया तथा 21 जुलाई को भरेव में आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में आधुनिक हाथ में धारण की जाने वाली पोर्टेबल एक्स-रे मशीन से टीबी स्क्रीनिंग एवं जांच की जाएगी। चिकित्सा विभाग ने अधिक से अधिक लोगों से शिविरों में पहुंचकर जांच कराने की अपील की है, ताकि सभी को त्वरित एवं सरल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।

Pratahkal Bureau
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