राजस्थान में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रारूप पर आमजन की राय जानने के उद्देश्य से उदयपुर में 13 एवं 14 जुलाई को संभाग स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति बसंत सिंह छाबड़ा की अध्यक्षता में गठित समिति इन दो दिनों के दौरान नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों से सुझाव प्राप्त करेगी।

संभागीय आयुक्त सुश्री प्रज्ञा केवलरमानी ने बताया कि 13 जुलाई को प्रातः 12 बजे से 14 जुलाई तक जिला कलक्टर कार्यालय स्थित डीओआईटी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में निर्धारित समय-सारणी के अनुसार जनसुनवाई आयोजित होगी। इस दौरान विवाह, विवाह विच्छेद (तलाक), भरण-पोषण, उत्तराधिकार तथा लिव-इन रिलेशनशिप जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आमजन से सुझाव आमंत्रित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि जनसुनवाई में सांसद, विधायक, महापौर, नगर निकायों के जनप्रतिनिधि, जिला प्रमुख, विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधि, विधि एवं सामाजिक विज्ञान के विशेषज्ञ, शिक्षाविद, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि तथा निर्वाचन आयोग से मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी अपने विचार प्रस्तुत कर सकेंगे।

संभागीय आयुक्त के अनुसार नागरिक अपने सुझाव एवं विचार वेब पोर्टल के माध्यम से अथवा पीडीएफ प्रारूप में अपलोड कर प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके साथ ही यूसीसी से जुड़े प्रश्न एवं सुझाव भी आमंत्रित किए गए हैं।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 13 जुलाई को दोपहर 12 बजे से 1:30 बजे तक उदयपुर जिले की जनसुनवाई होगी। इसके बाद दोपहर 2:30 बजे से 4 बजे तक बांसवाड़ा तथा शाम 4 बजे से 5 बजे तक चित्तौड़गढ़ जिले के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनसुनवाई आयोजित की जाएगी।

14 जुलाई को सुबह 10 बजे से 11 बजे तक डूंगरपुर, 11 बजे से 12 बजे तक राजसमंद, दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक प्रतापगढ़ तथा दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक सलूम्बर जिले के लिए जनसुनवाई निर्धारित की गई है। इस जनसुनवाई के माध्यम से प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के विभिन्न प्रावधानों पर संभाग स्तर से सुझाव एकत्रित किए जाएंगे।

Kalpita Bhavsar (Salumber)

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कलपिता भवसार (सालुम्बर) प्रात:काल न्यूज़ की प्रतिष्ठित रिपोर्टर हैं, जिनका पत्रकारिता में अनुभव और निपुणता उन्हें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय खबरों की सटीक और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करने में सक्षम बनाती है। सालुम्बर से होने के नाते, वे स्थानीय मुद्दों, सामाजिक घटनाओं और जनसामान्य की आवाज़ को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाने का काम करती हैं। उनका लेखन तथ्यात्मक, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को खबरों के मूल अर्थ तक सीधे जोड़ता है।

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