नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का लसाड़िया दौरा, मासूमों की मौत पर जताई नाराजगी
टीकाराम जूली ने लालपुरा में रहस्यमयी बीमारी से बच्चों की मौत के बाद परिजनों से मुलाकात की और स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकार को घेरा।

लसाड़िया के लालपुरा गांव में रहस्यमयी बीमारी से बच्चों की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों के साथ संवाद करते राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली।
सलुम्बर जिले के लसाड़िया उपखंड क्षेत्र में शनिवार को राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का दौरा राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, जहां उन्होंने एक ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों से संवाद किया, वहीं दूसरी ओर लालपुरा गांव में रहस्यमयी बीमारी से हुई 5 मासूम बच्चों की मौत के बाद पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर हालात का जायजा लिया।
दौरे के दौरान टीकाराम जूली टेकण और कूण गांव पहुंचे, जहां पूर्व विधायक नगराज मीणा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उनके साथ पूर्व विधायक नगराज मीणा, सांसद प्रत्याशी ताराचंद मीणा और सलुम्बर जिला अध्यक्ष परमानंद मेहता भी मौजूद रहे। कूण स्थित हनुमान मंदिर में आयोजित स्वागत कार्यक्रम में पीसीसी सदस्य जगजीतेंद्र सिंह शक्तावत ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। जूली ने आश्वासन दिया कि वे इन मुद्दों को विधानसभा में मजबूती से उठाएंगे।
इसके बाद नेता प्रतिपक्ष लसाड़िया पहुंचे, जहां बस स्टैंड पर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। लसाड़िया कांग्रेस कार्यालय में प्रशासक रुपलाल मीणा और भेरूलाल मीणा अग्गड़ के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया और क्षेत्र की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सड़क, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
दौरे के दौरान पूर्व मंत्री अर्जुन लाल बामनिया, पूर्व विधायक नगराज मीणा, लोकसभा प्रत्याशी ताराचंद मीणा, सलुम्बर जिला अध्यक्ष परमानंद मेहता, पीसीसी सदस्य जगजीतेंद्र सिंह शक्तावत, हनुमंत सिंह सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
लालपुरा गांव में पहुंचकर टीकाराम जूली ने रहस्यमयी बीमारी से हुई मासूम बच्चों की मौत के बाद मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली और उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने पर नाराजगी जताई। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव गायत्री राठोड़ से फोन पर बात कर लसाड़िया क्षेत्र में हो रही मौतों पर अब तक की कार्रवाई की जानकारी ली और बीमारी के कारणों के बारे में सवाल किए।
जूली ने स्थानीय प्रशासन और चिकित्सा अधिकारियों से भी चर्चा की। उन्होंने बीसीएमएचओ डॉ. सिंटु कुमावत, सलुम्बर उपखंड अधिकारी जगदीश बामनिया और तहसीलदार रामजीलाल गुर्जर से पूरे मामले की जानकारी प्राप्त की। स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों को लेकर उन्होंने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं होने के कारण ऐसी घटनाएं गंभीर रूप ले रही हैं।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए जूली ने अपील की कि किसी भी प्रकार की तबीयत खराब होने पर सबसे पहले अस्पताल जाकर इलाज कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं के पास जाने से पहले मरीज को अस्पताल ले जाना चाहिए, ताकि समय पर उपचार मिल सके और ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही उन्होंने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर चिंता जताते हुए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
यह दौरा जहां क्षेत्रीय समस्याओं को राजनीतिक मंच तक पहुंचाने का संकेत देता है, वहीं लालपुरा गांव की घटना ने ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक तैयारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Pratahkal Bureau
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