सलूंबर, 11 दिसंबर। महिलाओं और लड़कियों के प्रति हिंसा रोकथाम के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए विशाखा संस्था ने 25 नवम्बर से 10 दिसम्बर 2025 तक 70 गाँवों में हिंसा रोकथाम पखवाड़ा आयोजित किया। इस दो सप्ताह लंबे अभियान में संस्था के कार्यकर्ताओं, महिला समूहों और युवाओं ने नुक्कड़ नाटक, नारे, गीत-संकल्प और जागरूकता रैलियों के माध्यम से ग्रामीण समुदायों में गहन जागरूकता फैलायी।

पखवाड़े के दौरान हर गाँव में हिंसा, घरेलू अत्याचार, लैंगिक भेदभाव, बाल विवाह, छेड़छाड़ और सामाजिक चुप्पी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर खुले तौर पर चर्चा हुई। युवाओं और महिलाओं ने एकजुट होकर ‘हिंसा को रोकना हम सबकी जिम्मेदारी’ का संदेश गाँव-गाँव पहुंचाया। कई ग्रामीण महिलाओं और लड़कियों ने हिंसा की पहचान, सहयोगी व्यक्तियों की भूमिका और विरोध की रणनीतियों पर विचार साझा किया, जिससे लोगों को पहली बार हिंसा के छिपे पहलुओं को समझने का अवसर मिला।

पखवाड़े का समापन झल्लारा ब्लॉक मुख्यालय पर भव्य रैली के साथ हुआ। इस रैली में लगभग 150 युवा, महिलाएँ, पुरुष और संस्था के कार्यकर्ता शामिल हुए। हाथों में बैनर और नारों के साथ निकलने वाली रैली ने पूरे क्षेत्र में जागरूकता का नया माहौल बनाया। समापन सत्र में सभी प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और एक-दूसरे का समर्थन करने, हिंसा का विरोध करने तथा समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

विशाखा संस्था की यह पहल ग्रामीण स्तर पर महिलाओं और युवाओं को सशक्त बनाने, उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और हिंसा के खिलाफ समुदायिक एकजुटता को मजबूत करने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण साबित हुई। पखवाड़ा न केवल संदेश देने का माध्यम बना, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में एक ठोस कदम के रूप में याद किया जाएगा।

Kalpita Bhavsar (Salumber)

Kalpita Bhavsar (Salumber)

कलपिता भवसार (सालुम्बर) प्रात:काल न्यूज़ की प्रतिष्ठित रिपोर्टर हैं, जिनका पत्रकारिता में अनुभव और निपुणता उन्हें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय खबरों की सटीक और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करने में सक्षम बनाती है। सालुम्बर से होने के नाते, वे स्थानीय मुद्दों, सामाजिक घटनाओं और जनसामान्य की आवाज़ को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाने का काम करती हैं। उनका लेखन तथ्यात्मक, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को खबरों के मूल अर्थ तक सीधे जोड़ता है।

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