सलूम्बर के लसाडिया में गूंजेगी अकीदत की सदाएं: हजरत अब्दुल गनी सरकार के उर्स को लेकर तैयारियों का आगाज
सलूम्बर जिले के लसाडिया में हजरत अब्दुल गनी सरकार के उर्स की तैयारियां तेज हो गई हैं। दरगाह सदर निसार खान पठान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जायरीन के ठहरने, खाने और सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा हुई। हाजी बाबू खान पठान और शराफत खान पठान सहित कमेटी सदस्यों ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया। जानिए इस भव्य रूहानी आयोजन की पूरी रणनीति।

सलूम्बर। झीलों और पहाड़ियों की गोद में बसे नवगठित सलूम्बर जिले के लसाडिया कस्बे में रूहानी फिजाएं परवान चढ़ने लगी हैं। सुप्रसिद्ध सूफी संत हजरत अब्दुल गनी सरकार के आगामी उर्स मुबारक को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में दरगाह परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी सदारत दरगाह सदर निसार खान पठान ने की। बैठक का माहौल पूरी तरह से सेवा और समर्पण के रंग में रंगा नजर आया, जहां जायरीन की सहूलियत और उर्स की गरिमा को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।
बैठक की शुरुआत करते हुए दरगाह सदर निसार खान पठान ने उर्स के सफल आयोजन के लिए खाका पेश किया। उन्होंने बताया कि इस बार दरगाह की साज-सज्जा और रंग-रोगन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि अकीदतमंदों को एक अलौकिक अनुभव प्राप्त हो सके। चर्चा का मुख्य केंद्र दूर-दराज से आने वाले जायरीन की सुख-सुविधाएं रहीं, जिसमें उनके ठहरने के पुख्ता इंतजाम और लंगर (खाने) की सुचारू व्यवस्था को लेकर ठोस निर्णय लिए गए। सदर ने स्पष्ट किया कि उर्स के दौरान अनुशासन और सेवा ही कमेटी की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
सुरक्षा और सुव्यवस्था के पहलू पर जोर देते हुए संरक्षक हाजी बाबू खान पठान ने प्रशासनिक तालमेल की बात रखी। उन्होंने कहा कि उर्स के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखना अनिवार्य है, जिसके लिए जल्द ही पुलिस प्रशासन को औपचारिक रूप से अवगत कराया जाएगा ताकि यातायात और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित हो सकें। वहीं, अंजुमन सदर शराफत खान पठान ने बुनियादी सुविधाओं का मोर्चा संभालते हुए दरगाह में निर्बाध विद्युत आपूर्ति और शुद्ध पेयजल की उपलब्धता पर अपनी रिपोर्ट पेश की। उन्होंने आश्वस्त किया कि उर्स के दौरान किसी भी जायरीन को पानी या रोशनी की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अंजुमन एवं दरगाह कमेटी के तमाम सदस्यों सहित समाज के प्रबुद्ध जन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में उर्स को भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द के प्रतीक के रूप में मनाने का संकल्प लिया। लसाडिया का यह उर्स न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक एकता को भी मजबूती प्रदान करता है। जैसे-जैसे उर्स की तारीखें नजदीक आ रही हैं, लसाडिया में उत्साह का माहौल गहराता जा रहा है और पूरी कमेटी इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए दिन-रात जुटी हुई है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
