सलूंबर। राजस्थान के नवगठित जिले सलूंबर के लसाड़िया क्षेत्र में इन दिनों प्रशासन का एक ऐसा मानवीय चेहरा सामने आया है, जिसने न केवल सरकारी तंत्र की सक्रियता को दर्शाया है, बल्कि शिक्षा के मंदिर के लिए वर्षों से अटके कानूनी अवरोधों को भी पल भर में दूर कर दिया। कड़ाके की ठंड और ठिठुरते बचपन के बीच जब उपखंड के आला अधिकारी धरातल पर उतरे, तो विकास कार्यों के निरीक्षण के साथ-साथ सेवा और संकल्प की एक नई इबारत लिख दी गई। जिला कलक्टर सलूंबर के सख्त निर्देशों के बाद डीएमएफटी और एसडीआरएफ के तहत स्वीकृत कार्यों की गुणवत्ता परखने निकले प्रशासनिक अमले ने जनवरी के प्रथम सप्ताह में क्षेत्र का सघन दौरा किया।

इस विशेष अभियान के दौरान जब तहसीलदार राम जी लाल गुर्जर ग्राम पंचायत धोलिया में चल रहे मरम्मत कार्यों का जायजा लेने पहुंचे, तो उनकी नजर राजकीय विद्यालयों में ठंड से ठिठुरते मासूम बच्चों पर पड़ी। बच्चों की बेबसी देखकर तहसीलदार का हृदय पसीज गया और उन्होंने तत्काल संवेदनशीलता दिखाते हुए गैर सरकारी संगठनों से संपर्क साधा। प्रशासन की एक पुकार पर रुणेश सेवा संस्थान, सेम इंडस्ट्रीज और सांवरिया इंटरप्राइजेज बोड़की जैसे संगठन मदद के लिए आगे आए। देखते ही देखते राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय और राजकीय प्राथमिक विद्यालय कारकला फला के 500 छात्र-छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे, जब उन्हें कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए नए स्वेटर वितरित किए गए।

मामला केवल स्वेटर वितरण तक ही सीमित नहीं रहा। तहसीलदार ने मौके पर ही एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए राजकीय प्राथमिक विद्यालय कराकला फला के वर्षों से लंबित भूमि आवंटन के मामले का निस्तारण कर दिया। लंबे समय से भूमि के अभाव में इस विद्यालय का विकास रुका हुआ था, जिसे अब नामांतरण स्वीकृत कर विद्यालय के नाम कर दिया गया है। इस कानूनी प्रक्रिया के पूर्ण होने से अब विद्यालय के नए भवन निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है, जो क्षेत्र के बच्चों के भविष्य के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

इस गरिमामयी आयोजन और निरीक्षण के दौरान प्रधानाचार्य नीतू कुमारी, विकास मीणा, शिव लाल सालवी, भैरू लाल मीणा, दामोदर लाल मीणा, मोगा राम मीणा, शबनम बानो शेख, कैलाश चन्द मीणा, कालू लाल मीणा, गौतम लाल मीणा सहित एसएमसी अध्यक्ष राज कुमार मीणा और पांचा राम मीणा उपस्थित रहे। इस दौरान एसडीएमसी और एसएमसी के समस्त सदस्यों सहित बड़ी संख्या में अभिभावकों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया। सलूंबर प्रशासन का यह प्रयास न केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े बच्चों के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी का भी बखूबी निर्वहन कर रहा है।

Pratahkal Bureau

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