सलूंबर, 26 सितंबर। पारंपरिक खेती के साथ किसानों को आधुनिक और लाभकारी सब्जी उत्पादन से जोड़ने के लिए उद्यान विभाग ने एकीकृत बागवानी विकास मिशन (एमआईडीएच) के तहत बेल वाली सब्जियों के लिए सपोर्ट सिस्टम स्थापित करने पर 50 प्रतिशत तक अनुदान देने की पहल शुरू की है। योजना का उद्देश्य कम क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।

उद्यान विभाग के उप निदेशक उद्यान पुरुषोत्तम लाल भट्ट ने बताया कि योजना के तहत सपोर्ट सिस्टम की निर्धारित इकाई लागत 20 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर है। इस पर 50 प्रतिशत तक अनुदान देय है। किसान न्यूनतम 0.40 हेक्टेयर से अधिकतम 2.00 हेक्टेयर क्षेत्र में योजना का लाभ ले सकेंगे। विभाग ने जिले के लिए श्रेणीवार कुल 200 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया है।

योजना का लाभ मुख्य रूप से टमाटर, खीरा, लौकी, तोरई, करेला और टिंडा जैसी बेल वाली सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को मिलेगा। सपोर्ट सिस्टम के जरिए बेलों को जमीन से ऊपर उचित सहारा दिया जाता है। इससे पौधों का बेहतर विकास, फसल प्रबंधन और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन संभव होता है।

सपोर्ट सिस्टम से फल जमीन के सीधे संपर्क में नहीं आते, जिससे फल सड़ने और खराब होने की आशंका कम होती है। बेलें ऊपर बढ़ने के कारण कम क्षेत्र में अधिक पौधों का बेहतर प्रबंधन किया जा सकता है। पौधों में हवा और धूप का समुचित संचार होने से फल की गुणवत्ता और आकार बेहतर रहने में मदद मिलती है। इसके अलावा कीट एवं रोग नियंत्रण के लिए दवा का छिड़काव भी अपेक्षाकृत आसान होता है।

विभाग के अनुसार आधुनिक तकनीक अपनाकर किसान केवल अधिक उत्पादन ही नहीं, बल्कि बेहतर गुणवत्ता वाली बाजार योग्य उपज प्राप्त कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं। इस योजना के जरिए बेल वाली सब्जियों की खेती को आधुनिक पद्धति से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

इच्छुक किसान योजना की जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के लिए संबंधित उद्यान विभाग कार्यालय अथवा अपने क्षेत्र के कृषि पर्यवेक्षक या उद्यान अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। किसानों को सपोर्ट सिस्टम में उपयोग की गई सामग्री के बिल प्रस्तुत करने होंगे। सत्यापन के बाद पात्रता के अनुसार अनुदान का लाभ दिया जाएगा।

राजस्थान में कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की अनुदान योजनाओं के लिए राज किसान साथी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। उद्यान विभाग ने किसानों से आधुनिक तकनीक अपनाकर बेल वाली सब्जियों की खेती को अधिक लाभकारी बनाने और योजना का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया है।

Kalpita Bhavsar (Salumber)

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कलपिता भवसार (सालुम्बर) प्रात:काल न्यूज़ की प्रतिष्ठित रिपोर्टर हैं, जिनका पत्रकारिता में अनुभव और निपुणता उन्हें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय खबरों की सटीक और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करने में सक्षम बनाती है। सालुम्बर से होने के नाते, वे स्थानीय मुद्दों, सामाजिक घटनाओं और जनसामान्य की आवाज़ को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाने का काम करती हैं। उनका लेखन तथ्यात्मक, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को खबरों के मूल अर्थ तक सीधे जोड़ता है।

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