सलूम्बर: भविष्य की उड़ान! आईटीआई के आधुनिक गलियारों में लसाड़िया के विद्यार्थियों ने सीखा हुनर का मंत्र
सलूम्बर के राजकीय आईटीआई संस्थान में लसाड़िया महात्मा गांधी विद्यालय के विद्यार्थियों का औद्योगिक भ्रमण आयोजित किया गया। प्रधानाचार्य बनवारी लाल बेरवा ने बस को हरी झंडी दिखाई। सहायक निदेशक देवीलाल मीणा और कल्पेश कलाल ने छात्रों को आईटी और हेल्थ केयर ट्रेड में रोजगार के अवसरों की जानकारी दी। कौशल विकास की दिशा में यह एक सराहनीय कदम है।

सलूम्बर। शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तविक दुनिया के अनुभवों से ही व्यक्तित्व का पूर्ण विकास होता है। इसी ध्येय को चरितार्थ करते हुए सलूम्बर जिले में शैक्षणिक नवाचार की एक नई इबारत लिखी गई। राजकीय सहायक निदेशक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) सलूम्बर में महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय लसाड़िया के विद्यार्थियों के लिए एक विशेष औद्योगिक भ्रमण का आयोजन किया गया, जिसने युवा मन में करियर की नई आकांक्षाओं को जन्म दिया है।
इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक यात्रा का शुभारंभ महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री बनवारी लाल बेरवा के कर-कमलों द्वारा हुआ। उन्होंने हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना किया और विद्यार्थियों को इस भ्रमण से अधिक से अधिक व्यावहारिक ज्ञान अर्जित करने के लिए प्रेरित किया। जैसे ही विद्यार्थियों का दल आईटीआई परिसर पहुँचा, संस्थान के सहायक निदेशक देवीलाल मीणा और समूह अनुदेशक कृष्णकांत गंधर्व ने सभी का आत्मीय स्वागत किया। संस्थान के अनुशासन और तकनीकी परिवेश को देखकर विद्यार्थी उत्साहित नजर आए।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने औद्योगिक प्रशिक्षण की बारिकियों को समझा। विशेष रूप से व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत संचालित 'आईटी एंड आईटीईएस' (IT & ITeS) और 'हेल्थ केयर' ट्रेड के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रयोगशालाओं का अवलोकन किया। कोपा इंस्ट्रक्टर (COPA Instructor) कल्पेश कलाल ने कंप्यूटर ऑपरेटर प्रोग्रामिंग असिस्टेंट लैब में विद्यार्थियों को डिजिटल युग की महत्ता समझाई। उन्होंने न केवल कंप्यूटर प्रोग्रामिंग की बारीकियों पर प्रकाश डाला, बल्कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में इस क्षेत्र में उपलब्ध अपार रोजगार के अवसरों और स्वरोजगार की संभावनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य किताबी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल के बीच के अंतर को कम करना था। हेल्थ केयर और आईटी जैसे उभरते क्षेत्रों के प्रत्यक्ष अवलोकन ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाया है। सहायक निदेशक देवीलाल मीणा ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में तकनीकी शिक्षा के प्रति रुचि जागृत होती है, जो भविष्य में उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी। यह आयोजन केवल एक भ्रमण मात्र नहीं था, बल्कि उन भावी पेशेवरों के लिए सफलता की पहली सीढ़ी थी, जो कल के विकसित भारत की कमान संभालेंगे।

Pratahkal Bureau
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