सलूंबर: संत शिरोमणि पीपाजी महाराज की 703वीं जयंती की तैयारियां शुरू, दर्जी समाज की बैठक में बनी रूपरेखा
सलूंबर में दर्जी समाज ने पंचायती भवन में बैठक कर जयंती समारोह के सफल आयोजन, मेधावी छात्र सम्मान और सामाजिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए।

सलूंबर। संत शिरोमणि पीपाजी महाराज की 703वीं गौरवशाली जयंती आगामी 2 अप्रैल को सलूंबर में दर्जी समाज द्वारा पूर्ण श्रद्धा, अटूट आस्था और हर्षोल्लास के साथ मनाई जाएगी। इस भव्य जयंती समारोह के सफल क्रियान्वयन और तैयारियों की रूपरेखा निर्धारित करने हेतु सलूंबर स्थित पंचायती भवन में समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। समाज के अध्यक्ष छगनलाल जागरिया की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में समारोह के सूक्ष्म नियोजन को लेकर विस्तार से विमर्श किया गया और कार्यक्रमों की अंतिम रूपरेखा तय की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि जयंती के पावन अवसर पर विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनका मुख्य उद्देश्य समाज में सुदृढ़ एकता और व्यापक जागरूकता का संदेश प्रसारित करना है। सामाजिक सरोकारों को प्राथमिकता देते हुए बैठक में समाज के मेधावी विद्यार्थियों और नवनियुक्त या चयनित कार्मिकों को सम्मानित करने का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इस पहल के पीछे का मुख्य ध्येय युवा पीढ़ी को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने और पेशेवर जीवन में अनुकरणीय कार्य करने हेतु निरंतर प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही उपस्थित प्रबुद्धजनों ने समाज सुधार के विभिन्न ज्वलंत विषयों पर विचार-विमर्श करते हुए समाज को अधिक संगठित, जागरूक और प्रगतिशील बनाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
अध्यक्ष छगनलाल जागरिया ने अपने संबोधन में कहा कि संत शिरोमणि पीपाजी महाराज का त्यागपूर्ण जीवन संपूर्ण मानवता और विशेषकर समाज के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत है। उन्होंने रेखांकित किया कि संत पीपाजी द्वारा दिखाए गए सत्य और सेवा के मार्ग पर चलकर समाज में एकता, निःस्वार्थ सेवा और सद्भावना को बढ़ावा देना हम सभी का परम दायित्व है। जागरिया ने मेधावी छात्रों और चयनित कार्मिकों के सम्मान को समाज के लिए गौरव का विषय बताते हुए सभी समाजजनों से पूर्ण सहयोग की अपेक्षा जताई। उन्होंने समस्त समाज बंधुओं से आगामी जयंती समारोह को भव्य, अनुशासित और गरिमामयी ढंग से मनाने का आह्वान करते हुए अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे आयोजन न केवल समाज को संगठित करने का कार्य करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध संस्कृति और महापुरुषों के आदर्शों से परिचित कराने का सशक्त माध्यम भी बनते हैं।
इस अवसर पर सत्यनारायण देवड़ा, अंबालाल राठौड़, गोविंद चौहान, ओमप्रकाश गहलोत, अंबालाल देवड़ा, लक्ष्मीलाल देवड़ा, जगदीश देवड़ा, नरेश देवड़ा, भगवतीलाल राठौड़, शंकर लाल राठोड, धनपाल पंवार, नरेश राठौड़, मुकेश देवड़ा, कुशल चौहान, विनोद जागरिया, एस. चौहान, मनोहरलाल जागरिया, मोहन राठौड़, संजय जागरिया, रमेश राठौड़ और कार्तिक भटेवरा सहित समाज के कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह बैठक समाज को नई दिशा देने और संत पीपाजी के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुँचाने के संकल्प के साथ संपन्न हुई।

Kalpita Bhavsar (Salumber)
कलपिता भवसार (सालुम्बर) प्रात:काल न्यूज़ की प्रतिष्ठित रिपोर्टर हैं, जिनका पत्रकारिता में अनुभव और निपुणता उन्हें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय खबरों की सटीक और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करने में सक्षम बनाती है। सालुम्बर से होने के नाते, वे स्थानीय मुद्दों, सामाजिक घटनाओं और जनसामान्य की आवाज़ को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाने का काम करती हैं। उनका लेखन तथ्यात्मक, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को खबरों के मूल अर्थ तक सीधे जोड़ता है।
